नई दिल्ली (ईएमएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय समुद्री दिवस के मौके पर कहा कि भारत की प्रगति और समृद्धि में समुद्री क्षेत्र की अहम भूमिका है और सरकार इस क्षेत्र को मजबूत करने के लिए लगातार काम कर रही है। पीएम मोदी ने कहा कि भारत का समुद्री इतिहास बहुत समृद्ध रहा है और आजादी के बाद इसे उतनी प्राथमिकता नहीं मिली, जितनी मिलनी चाहिए थी। लेकिन पिछले 10 वर्षों में देश ने समुद्री क्षेत्र में कई उपलब्धियां हासिल की हैं। पीएम ने बताया कि प्रमुख बंदरगाहों की कार्गो संभालने की क्षमता अब दोगुनी हो चुकी है और बंदरगाहों से जोड़ने के लिए हजारों किलोमीटर सड़कें बनाई गई हैं। पीएम मोदी ने कहा कि सरकार “समृद्धि के लिए बंदरगाह” और “प्रगति के लिए बंदरगाह” जैसे मंत्रों को अपनाकर समुद्री ढांचे को लगातार मजबूत कर रही है। उन्होंने “उत्पादकता के लिए बंदरगाह” मंत्र का भी जिक्र किया, जिससे बंदरगाहों की क्षमता और उपयोगिता बढ़ाई जा रही है। प्रधानमंत्री ने ‘कोस्टल शिपिंग’ को बढ़ावा देने की दिशा में भी कदम उठाने की बात कही। हाल ही में लोकसभा में ‘कोस्टल शिपिंग बिल’ पारित हुआ है, जिसका उद्देश्य तटीय व्यापार को बढ़ाना और भारतीय जहाजों की भागीदारी को बढ़ावा देना है। इस बिल से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि भारत के पास अपनी सुरक्षा और व्यापारिक जरूरतों को पूरा करने के लिए अपने नागरिकों के स्वामित्व वाला मजबूत समुद्री बेड़ा हो। पीएम मोदी ने यह भी बताया कि सरकार भारत के अंदर चलने वाले जलमार्गों (इंटरनल वॉटरवेज) को भी विकसित कर रही है। उन्होंने कहा कि जब भी भारत का समुद्री क्षेत्र मजबूत हुआ है, देश और दुनिया को इसका फायदा मिला है, और अब भी उसी दिशा में योजनाबद्ध तरीके से काम जारी है। सुबोध/०५-०४-२०२५