राष्ट्रीय
05-Apr-2025
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-आईओएस सागर को दिखाई हरी झंडी कारवार (ईएमएस)। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कर्नाटक के कारवार नौसैनिक अड्डे पर नौसेना की तमाम परियोजनाओं का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने हिंद महासागर पोत आईओएस सागर को भी हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। आईएनएस सुनयना से जुड़े इस जहाज में नौ देशों की नौसेनाओं के 44 कर्मी सवार हैं। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि हिंद महासागर पोत आईओएस सागर की यात्रा की शुरुआत पर ढेर सारी बधाई। मैं भारतीय नौसेना और हिंद महासागर क्षेत्र के हमारे सभी हितधारकों की सराहना करता हूं। आपके अथक प्रयासों और मेहनत से ही यह संभव हो पाया है। सभी मित्र देश जो सागर की यात्रा में विशेषज्ञता और अनुभव साझा करने आए हैं, उनका भी आभार। उन्होंने कहा कि मुझे खुशी है कि सागर पहल के 10 साल पूरे होने पर आईओएस सागर हिंद महासागर की यात्रा पर निकल रहा है। नौसैनिकों की यह तैनाती न सिर्फ भारत के बल्कि हिंद महासागर में हमारे सभी मित्र देशों के सहयोगात्मक प्रयास से हो रही है। आज ही के दिन लगभग एक सदी पहले पांच अप्रैल 1919 को सिंधिया स्टीम नेविगेशन कंपनी का एसएस लॉयल्टी नामक भारत का पहला व्यापारी जहाज मुंबई से लंदन के लिए रवाना हुआ था। उस दिन को याद रखने के लिए 1964 से ही हम पांच अप्रैल को राष्ट्रीय समुद्री दिवस मनाते हैं। रक्षा मंत्री ने कहा कि हिंद महासागर की समुद्री सुरक्षा से भारत और तटवर्ती देशों का राष्ट्रीय हित भी बेहद घनिष्ठ रूप से जुड़ा हुआ है। हमारे लिए हिंद महासागर क्षेत्र सिर्फ सुरक्षा की दृष्टि से ही अहम नहीं है, बल्कि यह हमारे व्यापार, अर्थव्यवस्था, पर्यटन, संस्कृति और राष्ट्रीय हित को प्रभावित करता है। हम इस महत्व को न सिर्फ समझ रहे बल्कि इस दिशा में मिलकर काम भी कर रहे हैं। हमारा प्रयास है कि हम अपनी मौजूदगी से हिंद महासागर क्षेत्र को और ज्यादा शांत और समृद्ध बनाएं। उन्होंने कहा कि हमारी नौसेना हिंद महासागर क्षेत्र में यह सुनिश्चित करती है कि कोई राष्ट्र अपनी अर्थव्यवस्था और सैन्य ताकत के दम पर किसी दूसरे राष्ट्र को दबा न सके। भारत यह सुनिश्चित करता है कि हिंद महासागर में किसी की संप्रभुता पर आंच आए बिना उनके हित को सुरक्षित किया जा सके। रक्षा मंत्री ने कहा कि हिंद महासागर क्षेत्र में किसी भी आपदा या मुसीबत के समय भारतीय नौसेना प्रथम प्रतिक्रियादाता के तौर पर उभरी है। जहाज हाईजैक, समुद्री लुटेरों की करतूतें जैसी घटनाएं हिंद महासागर क्षेत्र में होती रहती हैं। ऐसी स्थिति में हमारी सेना जहाजों की सुरक्षा करती है। हिंद महासागर क्षेत्र में मुक्त परिवहन, शांति और स्थिरता सुनिश्चित करना हमारा उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि हाल ही में प्रधानमंत्री मोदी ने मॉरीशस की अपनी यात्रा के दौरान सागर पहल से भी आगे बढक़र महासागर पहल की बात की। यह सागर पहल से भी ज्यादा अग्रिम और सहयोगी बनेगा। उन्होंने कहा कि आईओएस सागर ऊचाइयों को छुए। मैं आईओएस सागर के सदस्यों की सुरक्षित और यादगार यात्रा की कामना करता हूं।