-पार्टियों का फंड जब्त करने की मांग की गई थी नई दिल्ली (ईएमएस)। सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को इलेक्टोरल बॉन्ड (चुनावी बॉन्ड) से जुड़ी याचिका खारिज कर दी। याचिका में कोर्ट से उसके पुराने फैसले की समीक्षा की मांग की गई थी। पुराने फैसले में कोर्ट ने राजनीतिक दलों को मिले 16,518 करोड़ रुपए जब्त करने की मांग खारिज की थी। चीफ जस्टिस संजीव खन्ना, जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस मनोज मिश्रा की बेंच ने 2 अगस्त, 2024 के शीर्ष अदालत के फैसले के ख़िलाफ खेम सिंह भाटी द्वारा दायर समीक्षा याचिका को खारिज कर दिया। पूर्व सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पांच जजों की संविधान पीठ ने 15 फरवरी, 2024 को चुनावी बॉन्ड योजना को रद्द कर दिया था। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद, भारतीय स्टेट बैंक ने चुनाव आयोग के साथ फंडिंग में मिले रुपयों का डेटा साझा किया था। भाजपा सबसे ज्यादा चंदा लेने वाली पार्टी चुनाव आयोग ने 14 मार्च, 2024 को इलेक्टोरल बॉन्ड का डेटा अपनी वेबसाइट पर जारी किया था। इसमें भाजपा सबसे ज्यादा चंदा लेने वाली पार्टी थी। 12 अप्रैल 2019 से 11 जनवरी 2024 तक पार्टी को सबसे ज्यादा 6,060 करोड़ रुपए मिले थे। लिस्ट में दूसरे नंबर पर तृणमूल कांग्रेस (1,609 करोड़) और तीसरे पर कांग्रेस पार्टी (1,421 करोड़) थी।