अंतर्राष्ट्रीय
04-Apr-2025
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पेरिस (ईएमएस)। भारतीय हथियारों के मुरीद अब यूरोपीय देश भी हो गए हैं। इसकारण भारतीय कंपनियों को तोप से लेकर बंदूकों और कई विनाशक हथियारों के ऑर्डर तेजी से मिल रहे हैं। भारतीय स्वदेशी हथियार कंपनी भारत फोर्ज ने कहा है कि यूरोप सहित कई देशों ने 18 एडवांस्ड टोड आर्टिलरी गन (एटीएजीएस) सहित 100 तोपों की खरीददारी की है। कंपनी के चेयरमैन बाबा कल्याणी ने बिक्री की पुष्टि कर कहा है कि भारत फोर्ज का इरादा दुनिया में सबसे बड़ी तोप निर्माता बनने का है। बता दें कि इसके पहले अमेरिका ने भी भारतीय हथियारों में गहरी दिलचस्पी दिखाई थी। बाबा कल्याणी ने बताया कि हमने भारतीय सेना को आपूर्ति करने से पहले ही यूरोप को तोपों का निर्यात किया है। उन्होंने कहा कि पिछले साल हमने एक यूरोपीय देश को 100 तोपों की आपूर्ति की थी, जिसमें 18 एटीएजी भी शामिल थे। कल्याणी ने कहा है कि दुनियाभर के कई देश लगातार भारत के स्वदेशी तोपों में गहरी दिलचस्पी दिखा रहे हैं। उन्होंने ने कहा कि भारत अब न सिर्फ खुद तोपों का निर्माण करने में सक्षम हो चुका है, बल्कि अब भारत ने अपनी तोपों को यूरोपीय देशों को बेचने में भी कामयाबी हासिल कर ली है। कल्याणी के मुताबिक कंपनी अल्ट्रालाइट आर्टिलरी गन (यूएलएच) सहित सभी प्रकार की तोपों का निर्माण करती है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में हम इसतरह के टैंकों का निर्माण कर रहे हैं, तब चलते-फिरते फायर कर सके। उन्होंने कहा कि वैश्विक बाजार हमारे लिए खुल रहा है और हम भविष्य में अमेरिकी सेना, फ्रांसीसी सेना, ब्रिटिश सेना और अन्य वैश्विक रक्षा बलों को हथियारों की सप्लाई करने की तैयारी में हैं। हालांकि उन्होंने माना कि आधुनिक तकनीक होने के बाद भी प्रोडक्शन काफी मुश्किल हो गया है, क्योंकि यूक्रेन युद्ध की वजह से सप्लाई चेन पर गहरा असर पड़ा है। लेकिन इससे ज्यादातर देशों के पास हथियारों की कमी आ गई है और मांग भी बढ़ गई है। बता दें कि एटीएजीएस तोपों का डिजाइन डीआरडीओ ने किया है और इनका प्रोडक्शन भारत फोर्ज और टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स जैसी कंपनियां कर रही हैं। ये एक 155 मिमी /52-कैलिबर तोप है। तय सौदे के तहत भारत फोर्ज 60 प्रतिशत तोपों का निर्माण करता है जबकि टाटा 40 प्रतिशत तोपों का उत्पादन करता है। एडवांस्ड टोड आर्टिलरी गन सिस्टम (एटीएजीएस) की प्रति यूनिट लागत लगभग 14 करोड़ रुपये है। इस तोप की मार करने की मैक्सिमम सीमा 48 किलोमीटर है, जबकि रैमजेट-प्रोपेल्ड गोले के साथ ये तोप 78 किमी दूर किसी लक्ष्य को ध्वस्त कर सकता है। इस भारतीय सेना की लंबी दूरी की मारक क्षमता बढ़ाने के लिए डिजाइन किया गया है। इसकी सबसे बड़ी क्षमता अत्यधिक सटीकता से अपने लक्ष्य पर हमला करना है और इतना ही नहीं तोप को दुनिया की सबसे बेहतरीन तोपों के साथ क्बल किया गया है। इसके अलावा इसकी एक और बेहतनीक खासियत इसे असेंबल करना है। काफी आसानी से ट्रांसपोर्ट किया जा सकता है और काफी आसानी से असेंबल किया जा सकता है, लिहाजा दुर्गम से दुर्गम स्थानों में भी इसका इस्तेमाल किया जा सकता है। आशीष दुबे / 04 अप्रैल 2025