04-Apr-2025
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पीएम मोदी ने बिम्सटेक को लेकर कई प्रस्ताव सामने रखे बैंकॉक (ईएमएस)। भारत और बांग्‍लादेश के बीच संबंध बीते कुछ महीनों में खबर हुए हैं। कार्यवाहक सरकार प्रमुख मोहम्‍मद यूनुस के चीन में भारत के नॉर्थ-ईस्‍ट को लेकर दिए गए बयान के बाद दोनों देशों के बीच तनाव चरम पर है। इस बीच बिम्सटेक (बे ऑफ बंगाल इनिशिएटिव फॉर मल्टी-सेक्टोरल टेक्निकल एंड इकोनॉमिक कोऑपरेशन) सम्‍मेलन में पीएम मोदी के बगल में यूनुस बैठे दिखाई दिए। दोनों के बीच दूरी भी दिखी। हालांकि इसके बावजूद पीएम ने अपने भाषण के अंत में बांग्‍लादेश को शुभकामनाएं दी। दरअसल, बिम्सटेक के अगले समिट का मेजबान बांग्‍लादेश है, इसके लिए पीएम ने उन्‍हें शुभकामनाएं दी हैं। पीएम मोदी ने बिम्सटेक देशों के साथ अपने सांस्कृतिक, शैक्षिक और कूटनीतिक संबंधों को और मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण पहलों की घोषणा की है। इन पहलों में भारत के वन अनुसंधान संस्थान में बिम्सटेक छात्रों के लिए स्कॉलरशिप प्रदान करना और नालंदा विश्वविद्यालय में स्कॉलरशिप योजना का विस्तार करना शामिल है। इसके अलावा, बिम्सटेक देशों के युवा राजनयिकों के लिए हर साल एक ट्रेनिंग कार्यक्रम करने का प्रस्ताव रखा है। पीएम मोदी ने कहा कि ओडिशा की प्रसिद्ध ‘बाली जात्रा’, बौद्ध और हिंदू परंपराओं के गहरे ऐतिहासिक संबंध, और हमारी भाषाओं का आपसी जुड़ाव सांस्कृतिक एकता के प्रतीक हैं। इस संपर्क को और उजागर करने के लिए, भारत इस वर्ष पहला बिम्सटेक पारंपरिक संगीत महोत्सव आयोजित करेगा। इसके अलावा युवाओं के बीच आपसी आदान-प्रदान को बढ़ावा देने के लिए, इस वर्ष बिम्सटेक यंग लीडर्स समिट का आयोजन होगा। साथ ही, बिम्सटेक हैकाथॉन और यंग प्रोफेशनल विजिटर्स प्रोग्राम की शुरुआत होगी। खेल के क्षेत्र में भी भारत सक्रिय भूमिका निभाने को तैयार है। पीएम ने कहा कि इस वर्ष भारत में ‘बिम्सटेक एथलेटिक्स मीट’ आयोजित करने का प्रस्ताव रखा गया है, और 2027 में बिम्सटेक की 30वीं वर्षगांठ के मौके पर पहले बिम्सटेक खेलों की मेजबानी करने की घोषणा की गई है। पीएम मोदी ने कहा बिम्सटेक केवल एक क्षेत्रीय संगठन नहीं है, बल्कि यह समावेशी विकास और सुरक्षा का एक मॉडल है। भारत ने विश्वास जताया कि एकजुटता, सहयोग और आपसी विश्वास की भावना को और मजबूत करते हुए बिम्सटेक को नई ऊंचाइयों तक ले जाया जाएगा। आशीष दुबे / 04 अप्रैल 2025