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04-Apr-2025
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- सभी सेक्टर लाल निशान - नए टैरिफ से व्यापार युद्ध की आशंका - बाजार में अनिश्चितता का माहौल मुंबई (ईएमएस)।  गुरुवार को अमेरिकी शेयर बाजार में भारी गिरावट के बाद भारतीय बाजारों में भी भारी बिकवाली देखने को मिली। सेंसेक्स 800 से ज्यादा अंक टूट गया, जबकि निफ्टी 23,000 के नीचे फिसल गया। अमेरिकी शेयर बाजार में बुधवार को 2020 के बाद की सबसे बड़ी एकदिनी गिरावट आई, जिसमें 2.4 ट्रिलियन डॉलर की मार्केट वैल्यू घट गई। इस गिरावट की वजह डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ नीति को माना जा रहा है, जिसमें अमेरिका ने सभी आयातों पर 10% का बेसलाइन टैरिफ लगाया है। इसके अलावा, व्यापार अधिशेष वाले देशों पर उच्च प्रतिशोधी शुल्क लगाया गया है। भारत पर 27% का टैरिफ लगाया गया है, जो की चीन (34%), वियतनाम (46%) और बांग्लादेश (37%) से कम है। विदेशी निवेशकों ने 2,806 करोड़ रुपये की बिकवाली की जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों ने 221.47 करोड़ रुपये की खरीदारी की। भारतीय रुपया 31 पैसे मजबूत होकर 84.99 प्रति डॉलर पर पहुंचा। डॉलर इंडेक्स 0.42% गिरकर 101.64 पर आ गया। कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। बाजार में अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है। अमेरिका और अन्य देशों के बीच व्यापार युद्ध की संभावना बढ़ने से बाजारों पर दबाव रहेगा। भविष्य में अस्थिरता के चलते विशेषज्ञ ने निवेशकों को सतर्क रहने सलाह दी है। बैंकिंग शेयरों में मिला-जुला रुख देखने को मिला। एचडीएफसी बैंक ने डिपॉजिट ग्रोथ के मुकाबले लोन ग्रोथ में सुधार की रिपोर्ट दी, जिससे इसका शेयर बढ़त में रहा। यस बैंक 3% तक लुढ़क गया, क्योंकि इसके चौथे क्वार्टर की बिजनेस अपडेट उम्मीद से कमजोर रही। शुकवार को सभी सेक्टर लाल निशान में रहे। निफ्टी मेटल 3.2% गिरा और निफ्टी ऑटो, आईटी, फार्मा, रियल्टी, हेल्थकेयर, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और ऑयल एंड गैस 1-2% तक टूटे। विशेषज्ञों की राय जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रेटेजिस्ट डॉ. वी. के. विजयकुमार के अनुसार अभी बाजार में अनिश्चितता के चरम पर है। ट्रंप के नए टैरिफ से व्यापार युद्ध की आशंका गहरी हो गई है, जिससे ग्लोबल ग्रोथ पर नकारात्मक असर पड़ सकता है। विदेशी बाजारों पर असर टोक्यो का निक्केई 225 -3.14% गिरा, कोरिया का कोस्पी भी 0.8% टूटा। चीन के बाजार छुट्टी के कारण बंद रहे। अमेरिका में नैस्डैक 5.97% टूटा, जबकि S&P 500 और डाओ जोंस में जून 2020 के बाद की सबसे बड़ी गिरावट आई।