राष्ट्रीय
03-Apr-2025


नई दिल्ली (ईएमएस)। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने राज्यसभा में बताया कि भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र में तीसरा लॉन्च पैड स्थापित करेगा। इस प्रोजेक्ट के लिए केंद्र सरकार ने 3984.86 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है और इसे अगले चार वर्षों में पूरा किया जाएगा। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि इसरो अपने नए ‘नेक्स्ट जेनरेशन लॉन्च व्हीकल’ पर काम कर रहा है, जो 90 मीटर ऊंचा और 1000 टन वजनी होगा। मौजूदा लॉन्च पैड इस तरह के भारी और बड़े रॉकेट लॉन्च करने के लिए सक्षम नहीं हैं, इसलिए नया लॉन्च पैड बनाया जा रहा है। इस लॉन्च पैड को इस तरह से डिजाइन किया जाएगा कि इसमें भविष्य में भारत के मानवयुक्त चंद्र मिशन के लॉन्च की भी सुविधा हो। उन्होंने कहा कि नए लॉन्च पैड में ‘टिलटेबल अंबिलिकल टावर’ होगा, जिससे रॉकेट को क्षैतिज रूप में तैयार कर उसे वर्टिकल स्थिति में लाया जा सकेगा। इसके अलावा, ‘नेक्स्ट जेनरेशन लॉन्च व्हीकल’ का पहला चरण नौ इंजनों के समूह के साथ तैयार किया जा रहा है, जिसकी ‘हॉट टेस्टिंग’ लॉन्च पैड पर ही होगी, जिससे अलग से परीक्षण केंद्र बनाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। राज्यसभा में एक अन्य जवाब में केंद्रीय मंत्री ने बताया कि अहमदाबाद स्थित स्पेस एप्लीकेशंस सेंटर 1966 से इसरो की प्रमुख अनुसंधान इकाई के रूप में कार्य कर रहा है। इसे डॉ. विक्रम साराभाई ने स्थापित किया था। ‘नेक्स्ट जेनरेशन लॉन्च व्हीकल’ ने चंद्रयान-3 मिशन, क्वांटम टेक्नोलॉजीज, कृषि, समुद्र विज्ञान और आपदा प्रबंधन के लिए सैटेलाइट तकनीकों के विकास में अहम योगदान दिया है। स्पेस एप्लीकेशंस सेंटर ने अब तक कई उन्नत टेक्नोलॉजी विकसित की हैं, जिनमें नासा-इसरो सिंथेटिक अपर्चर रडार के लिए एस -बैंड एसएआर, चंद्रयान-3 के लिए लैंडर और रोवर कैमरे, नेविगेशन सिस्टम और संचार उपग्रहों के लिए हाई-थ्रूपुट संचार पेलोड शामिल हैं। सुबोध/०३-०४-२०२५