-3,611 करोड़ के बजट में विकास कार्यों के लिए कई प्रावधान -संपत्तिकर 10 प्रतिशत बढ़ा, पानी प्रतिशत महंगा -वार्ड नियोजन निधि के रूप में प्रति वार्ड 50 लाख रुपए के मान से बजट में 42 करोड़ रुपए का प्रावधान -जोन कार्यालय स्तर पर जोन अध्यक्ष निधि प्रति जोन 10 लाख रुपए के मान से 2 करोड़ रुपए का प्रावधान भोपाल (ईएमएस)। महापौर मालती राय ने गुरूवार को 3,611 करोड़ रुपए का नगर निगम का बजट पेश किया। भोपाल में संपत्तिकर में 10 प्रतिशत, पानी और ठोस-अपशिष्ट पर 15 प्रतिशत टैक्स की बढ़ोतरी की गई है। इससे भोपाल के पौने 3 लाख नल कनेक्शन और 5.62 लाख प्रॉपर्टी टैक्स उपभोक्ता प्रभावित होंगे। गुरुवार को महापौर मालती राय ने नगर निगम का बजट पेश किया। एमआईसी मेंबर और पार्षदों के साथ सदन में पहुंचीं महापौर सफेद-नीले कलर के झोले में बजट की कॉपी लेकर पहुंचीं। उनके साथ निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी भी थे। वित्तीय वर्ष 2025-26 की अनुमानित आय 3,611 करोड़ 79 लाख 75 हजार रुपए के विरूद्ध अनुमानित व्यय 3,611 करोड़ 79 लाख 75 हजार रुपए प्रस्तावित है। राजस्व आय की 5 प्रतिशत रिजर्व राशि एक सौ दस करोड़ सात लाख चार हजार रुपए रखने के उपरांत एक सौ दस करोड़ सात लाख चार हजार रुपए संभावित घाटे का बजट सदन के समक्ष प्रस्तुत किया गया। बजट में मेयर, अध्यक्ष, एमआईसी मेंबर-पार्षदों के लिए अलग-अलग प्रावधान किए गए हैं। अध्यक्ष के लिए 5 करोड़ रुपए रखे गए हैं। एमआईसी मेंबर के लिए 1 करोड़ रुपए का प्रावधान है तो महापौर के लिए बजट में 10 करोड़ रुपए का प्रावधान रखा गया है। फिर शुरू होंगे महापौर स्मार्ट पास बजट में वार्ड नियोजन निधि के रूप में प्रति वार्ड 50 लाख रुपए के मान से बजट में 42 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। वहीं जोन कार्यालय स्तर पर जोन अध्यक्ष निधि प्रति जोन 10 लाख रुपए के मान से 2 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। एक बार फिर से भोपाल में सिटी बस के लिए महापौर स्मार्ट पास शुरू किए जाएंगे। प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए 400 करोड़ रुपए का तो प्रावधान किया गया है। भोपाल में हेरिटेज प्रवेश द्वार का निर्माण होगा। इसके लिए बजट में 30 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। वहीं शहर में गीता भवन के निर्माण के लिए 20 करोड़ रुपए का प्रावधान, अमृत-2 योजना के तहत 7 हजार 546 लाख रुपए और व्यवसायिक परिसरों के निर्माण के लिए 60 करोड़ रुपए का प्रावधान, तालाबों के संरक्षण और संवर्धन के लिए 3 करोड़ रुपए, विसर्जन घाटों के निर्माण के लिए 32 करोड़ रुपए का प्रावधान, पानी की निकासी के लिए नाला-नालियों का निर्माण होगा। इसके लिए 11 करोड़ रुपए का प्रावधान। सडक़ों के सुधार के लिए 30 करोड़ बजट में राजधानी की खस्ताहाल सडक़ों के निर्माण के लिए 30 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। एनडीआरएफ के तहत नाला-नालियों का निर्माण 200 करोड़ रुपए खर्च होंगे। प्रकाश के लिए 11 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। सौंदर्यीकरण कार्यों को बेहतर बनाने के लिए 10 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। मुख्य मार्गों के सौंदर्यीकरण के लिए 12 करोड़ रुपए रखे गए हैं। शालाओं का निर्माण और विकास कार्यों के लिए शिक्षा उपकर मद में 30 करोड़ रुपए का प्रावधान है। निगम कर्मचारियों के कक्षा 10वीं और 12वीं मैरिट प्राप्त करने वाली बालिकाओं व बालकों को प्रोत्साहित करने के लिए 10 हजार दिए जाएंगे। सभी विधानसभाओं में बराबरी से बंटेगा बजट महापौर मालती राय ने कहा कि बजट सभी विधानसभाओं में बराबरी से बंटेगा। महापौर ने कहा कि मैंने अपना बजट सदन के ऊपर छोड़ दिया है। हालांकि महापौर भाषण की बुकलेट में महापौर के लिए 10 करोड़ रुपए का प्रावधान रखा गया। बाद में एमआईसी मेंबर रविंद्र यति ने 10 करोड़ रुपए का प्रावधान रखने का प्रस्ताव दिया। अध्यक्ष ने आसंदी ने कहा कि महापौर ने सदन पर अपनी निधि की बात छोड़ी थी। इसलिए सर्वसम्मति से 10 करोड़ रुपए का प्रस्ताव पास किया गया। टैक्स बढ़ोतरी पर विपक्ष का हंगामा प्रॉपर्टी टैक्स और जल कर में बढ़ोतरी पर विपक्ष का हंगामा। नेता प्रतिपक्ष शबिस्ता जकी ने कहा कि धारा 132 की उप धारा में प्रावधान है कि 31 मार्च के बाद कोई कर नहीं बढ़ा सकते। फिर नगर निगम ऐसा क्यों कर रहा है। भोपाल नगर निगम के गुरुवार को पेश किए गए बजट में में प्रॉपर्टी टैक्स में 10 प्रतिशत, पानी और ठोस-अपशिष्ट पर टैक्स में 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है। इससे भोपाल के पौने 3 लाख जल कनेक्शन और 5.62 लाख प्रॉपर्टी टैक्स उपभोक्ता प्रभावित होंगे। बजट पर चर्चा के दौरान शहर की 300 से अधिक सामाजिक संस्थाओं को अनुदान के रूप में लाखों रुपए दिए जाने का विरोध भी हुआ है। कांग्रेस के पार्षद मोहम्मद सरवर ने कहा कि कई संस्थाएं सक्रिय नहीं है। नगर निगम अपना पैसा सस्ता को क्यों दे रहा है। एमआईसी मेंबर को एक करोड़ का बजट देने का विरोध भोपाल नगर निगम के एमआईसी मेंबर को एक करोड़ रुपए का सालाना बजट देने का विपक्ष ने विरोध किया है। चार बार के पार्षद मोहम्मद सरवर ने कहा कि बजट में हमेशा महापौर, अध्यक्ष के लिए बजट का प्रावधान रहता था।लेकिन अब तो एमआईसी मेंबर को भी बजट दिया जा रहा है, ऐसा मैंने कभी नहीं देखा है। जैसे ही पार्षद सरवर ने विरोध जताया सभी 10 एमआईसी मेंबर विरोध में खड़े हो गए। मोहम्मद सरवर का कहना था कि एमआईसी मेंबर सिर्फ अपने वार्ड में ही राशि खर्च करते हैं, जबकि मेंबर्स का कहना था कि हम दूसरे वार्ड में भी राशि खर्च करते हैं। इस पर काफी देर तक हंगामा चलता रहा। अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी ने दोनों पक्षों को समझा कर शांत कराया