कहा भारत-थाईलैंड सांस्कृतिक और आध्यात्मिक डोर से जुड़े हैं, बढ़ाएंगे रणनीतिक साझेदारी बैंकॉक (ईएमएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत और थाईलैंड के बीच सदियों पुराने संबंध हैं। ये संबंध हमारी गहरी सांस्कृतिक, आध्यात्मिक डोर से जुड़े हैं। हमने भारत-थाईलैंड संबंधों को रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक बढ़ाने का फैसला किया है। पीएम मोदी ने बृहस्पतिवार को थाईलैंड की प्रधानमंत्री पैतोंगतार्न शिनावात्रा के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता की। जिसके बाद उन्होंने शिनावात्रा के साथ संयुक्त प्रेस वार्ता की। इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि भारत के पूर्वोत्तर राज्यों और थाईलैंड के बीच पर्यटन, संस्कृति, शिक्षा के क्षेत्रों में सहयोग पर जोर दिया है। पीएम मोदी ने कहा कि भारत की एक्ट ईस्ट नीति और इंडो-पैसिफिक विजन में थाईलैंड का विशेष स्थान है। पीएम मोदी की यात्रा के दौरान थाई सरकार ने 18वीं सदी के रामायण भित्ति चित्रों पर आधारित डाक टिकट जारी किए, जिसके लिए पीएम मोदी ने थाई सरकार का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मेरी यात्रा के दौरान डाक टिकट जारी करने के लिए मैं थाई सरकार का आभारी हूं। भूकंप में जान गंवाने वालों के प्रति संवेदना व्यक्त की इसके अलावा, पीएम मोदी ने 28 मार्च को थाईलैंड में आए भूकंप में जान गंवाने वाले लोगों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की। पीएम मोदी ने कहा कि मैं भारत के लोगों की तरफ से भूकंप में हुई जनहानि के लिए गहरी संवेदना प्रकट करता हूं और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं। दिलों और परंपराओं को जोड़ती है रामायण प्रधानमंत्री मोदी 6वें बिम्सटेक शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए दो दिवसीय यात्रा पर बैंकॉक पहुंचे। जहां उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इसके बाद पीएम मोदी ने रामकियेन (थाई रामायण) का मनमोहक प्रदर्शन देखा। पीएम मोदी ने एक्स पर पोस्ट में कहा, एक ऐसा सांस्कृतिक जुड़ाव जो किसी और जैसा नहीं था! थाई रामायण, रामकियेन का एक आकर्षक प्रदर्शन देखा। यह वास्तव में समृद्ध अनुभव था, जिसने भारत और थाईलैंड के बीच साझा सांस्कृतिक और सभ्यतागत संबंधों को खूबसूरती से प्रदर्शित किया। पीएम मोदी ने आगे कहा कि रामायण वास्तव में एशिया के कई हिस्सों में दिलों और परंपराओं को जोड़ती है। विनोद/ईएमएस/03/04/2025