अंतर्राष्ट्रीय
03-Apr-2025


40 साल पुराने मुक्त व्यापार समझौते की दिलाई याद वाशिंगटन (ईएमएस)। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को (भारतीय समयानुसार) दुनियाभर के देशों के खिलाफ रेसिप्रोकल टैरिफ लगाने की घोषणा की। ट्रंप का टैरिफ अटैक भारत, चीन और पाकिस्तान सहित 100 देशों पर हुआ है। ट्रंप के टैरिफ वॉर से इजरायल भी नहीं बच सका। अमेरिकी सरकार ने इजरायली उत्पादों पर 17 प्रतिशत का टैरिफ लगाया है। ट्रंप ने जब टैरिफ का ऐलान किया, तब इजरायल की बेंजामिन नेतन्याहू सरकार पूरी तरह से आश्वस्त थी कि उन पर किसी तरह का शुल्क नहीं लगेगा, लेकिन ऐसा हुआ नहीं! टैरिफ लगाने के बाद इजरायली अधिकारियों का कहना है कि हम ट्रंप की घोषणा से स्तब्ध हैं। इजरायल ने अमेरिका और उसके 40 साल पुराने मुक्त व्यापार का भी हवाला दिया। इजरायल का कहना है कि हमने अमेरिकी वस्तुओं पर सभी टैरिफ समाप्त कर दिए थे, फिर भी अमेरिका ने टैरिफ लगा दिए। मीडिया में इजरायली अधिकारियों के हवाले से कहा, हम हैरान हैं। हमें पूरा भरोसा था कि अमेरिकी वस्तुओं पर सभी आयात शुल्क समाप्त करने के हमारे फैसले से यह कदम रोका जा सकेगा। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इजरायल ने हाल ही में अमेरिकी आयात पर बचा हुआ टैरिफ समाप्त करने की घोषणा की थी। यह फैसला अर्थव्यवस्था मंत्री निर बरकात और संसद की वित्त समिति से अंतिम मंजूरी का इंतजार कर रहा था, लेकिन इसकी मंजूरी की पूरी उम्मीद थी। इजरायल-अमेरिका व्यापार संबंध अमेरिका इजरायल का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार और महत्वपूर्ण सहयोगी है। 2024 में दोनों देशों के बीच व्यापार 34 अरब डॉलर का था। पीएम नेतन्याहू ने अर्थव्यवस्था मंत्री बरकात और वित्त मंत्री बेजालेल स्मोट्रिच के साथ संयुक्त बयान में कहा कि अमेरिकी वस्तुओं पर टैरिफ हटाने से इजरायली बाजार में प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी, अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और जीवनयापन की लागत कम होगी। 40 साल पुराना मुक्त व्यापार समझौता इजरायल और अमेरिका के बीच 40 साल पहले एक मुक्त व्यापार समझौता हुआ था। वर्तमान में लगभग 98 प्रतिशत अमेरिकी वस्तुओं पर पहले से ही कोई टैक्स नहीं लगता। इजरायल के वित्त मंत्रालय के अनुसार, अमेरिका से होने वाले आयात पर टैरिफ से सरकार को हर साल लगभग 42 मिलियन शेकेल (11.3 मिलियन डालर) की आय होती है, जो मुख्य रूप से कृषि क्षेत्र से जुड़ी होती है। आशीष दुबे / 03 अप्रैल 2025