क्षेत्रीय
03-Apr-2025
...


अंबरनाथ, (ईएमएस)। अंबरनाथ नगर परिषद ने अवैध बैनरों के खिलाफ 90 प्रतिशत कार्रवाई करने का दावा किया है, लेकिन शहर में अभी भी बड़ी संख्या में अवैध बैनर दिखाई दे रहे हैं। नगर परिषद अवैध बैनरों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करने के हाईकोर्ट के आदेश की अनदेखी कर रही है और अगर इन बैनरों को तत्काल नहीं हटाया गया तो नगर परिषद के विरोध में कोर्ट जाना पड़ेगा। ऐसी चेतावनी सामाजिक कार्यकर्ता एडवोकेट सरिता खानचंदानी ने चेतावनी दी है। उन्होंने कहा, अंबरनाथ शहर के छत्रपति शिवाजी महाराज चौक और उसके आसपास के इलाकों, मटका चौक, हुतात्मा चौक, स्वामी समर्थ चौक आदि विभिन्न क्षेत्रों में अवैध बैनर, पोस्टर और स्टिकर लगाए जा रहे हैं। सैकड़ों दुकानदार अपनी दुकानों के नाम के बोर्ड सड़क पर लोहे के स्टैंड पर लगा रहे हैं। सरिता खानचंदानी ने कहा है कि हीराली फाउंडेशन की ओर इस संबंध में अंबरनाथ नगर परिषद को ईमेल के जरिए सूचित कर दिया गया है। इसमें कहा गया है कि जनहित याचिका संख्या 155/2011 तथा जनहित याचिका संख्या 173/2010 के आदेशों का उल्लंघन किया गया है तथा ये बैनर फ्लेक्स, पॉलीविनाइल क्लोराइड पीवीसी से बने हैं, जिनका उपयोग केवल एक बार ही किया जाता है। इसलिए, ये अवैध बैनर दृश्य प्रदूषण, विकृति और ध्यान खींचने के साथ-साथ प्लास्टिक प्रदूषण का सबसे बड़ा स्रोत हैं और यह आरोप लगाया गया है कि अंबरनाथ नगर परिषद इसे अनदेखा कर रही है। खानचंदानी ने नगर परिषद को भी चेतावनी दी है कि कृपया उल्लंघनकर्ताओं के खिलाफ तत्काल कानूनी कार्रवाई करें, अन्यथा हम आपके खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई करने के लिए बाध्य होंगे। दरअसल हाल ही में अंबरनाथ नगर परिषद प्रशासन ने दावा किया कि अंबरनाथ शहर 90 प्रतिशत अवैध बैनरों से मुक्त है। बताया जा रहा है कि वैध बैनरों पर बारकोड लगा दिया गया है और जिन बैनरों पर बारकोड नहीं है, उनके खिलाफ नगर परिषद ने कार्रवाई भी की है। बॉम्बे हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान कहा गया कि अंबरनाथ नगर परिषद ने अवैध बैनरों के खिलाफ अच्छी कार्रवाई की है, लेकिन सरिता खानचंदानी ने शहर में अवैध बैनर और पोस्टरों की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल कर दी हैं, जिसके कारण शहर में अवैध बैनरों का मुद्दा काफी गर्म हो चला है। संतोष झा- ०३ अप्रैल/२०२५/ईएमएस