राष्ट्रीय
03-Apr-2025
...


नई दिल्ली,(ईएमएस)। केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने गुरुवार को राज्यसभा में वक्फ संशोधन विधेयक पेश कर दिया। लोकसभा में 12 घंटे से अधिक लंबी बहस के बाद पारित हुए इस विधेयक पर अब राज्यसभा की मुहर लगनी बाकी है। केंद्र सरकार को उम्मीद है कि यह विधेयक आसानी से पास हो जाएगा, जबकि विपक्ष ने इसे रोकने के लिए पूरी ताकत झोंकने का ऐलान किया है। विधेयक पेश करते हुए किरेन रिजिजू ने बताया कि देश में 8.72 लाख वक्फ संपत्तियां हैं, जिनकी आय अरबों रुपये में होने का अनुमान है। उन्होंने कहा कि 2006 में सच्चर समिति ने 4.9 लाख वक्फ संपत्तियों की आय 12,000 करोड़ रुपये आंकी थी, जिससे आज की आय का अंदाजा लगाया जा सकता है। रिजिजू ने कहा कि राज्य सरकारों, अल्पसंख्यक आयोगों और वक्फ बोर्डों से बातचीत के बाद ही यह विधेयक लाया गया है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) के माध्यम से विधेयक पर व्यापक चर्चा हुई थी। रिजिजू ने विपक्ष से इस विधेयक का समर्थन करने की अपील करते हुए कहा कि यह किसी एक वर्ग के खिलाफ नहीं है, बल्कि शिया और सुन्नी समेत सभी मुस्लिम समुदायों को एकजुट करने वाला कदम है। जोरदार हंगामें के बीच विपक्ष का विरोध विपक्षी दलों ने इस विधेयक को मुस्लिम विरोधी बताते हुए संसद में जोरदार हंगामा किया। उनका कहना है कि सरकार वक्फ संपत्तियों को नियंत्रित करने और अल्पसंख्यक समुदाय के अधिकारों को कमजोर करने की कोशिश कर रही है। लोकसभा में विपक्ष ने इस विधेयक का पुरजोर विरोध किया था, लेकिन सरकार ने बहुमत के दम पर इसे पारित करा लिया। रिजिजू का जवाब विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए किरेन रिजिजू ने कहा, यह कहना गलत है कि हिंदुस्तान में अल्पसंख्यक सुरक्षित नहीं हैं। मैं खुद अल्पसंख्यक हूं और कह सकता हूं कि भारत से ज्यादा अल्पसंख्यक कहीं सुरक्षित नहीं हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार हर अल्पसंख्यक समुदाय, यहां तक कि छोटे पारसी समुदाय की भी रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। राज्यसभा में यदि यह विधेयक पारित हो जाता है, तो यह कानून का रूप ले लेगा और वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन में महत्वपूर्ण बदलाव लाएगा। हालांकि, विपक्ष का विरोध जारी है और आने वाले दिनों में इस पर और राजनीतिक सरगर्मियां देखने को मिल सकती हैं। हिदायत/ईएमएस 03अप्रैल25