वॉशिंगटन(ईएमएस)। यह जगजाहिर है कि डोनाल्ड ट्रंप ने कनाडा और मैक्सिको पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाने की घोषणा कर अपने गुस्से का बार-बार इजहार किया था। उनका मानना है कि कनाडा और मैक्सिको अमेरिका को व्यापार में नुकसान पहुंचा रहे हैं। ये देश अवैध प्रवासियों व ड्रग्स खासकर फेंटेनाइल की तस्करी रोकने में नाकाम हैं। डोनाल्ड ट्रंप का कहना था कि इन देशों को सब्सिडी देने का कोई मतलब नहीं और टैरिफ से अमेरिकी हितों की रक्षा होगी। हालांकि, ट्रंप की टैरिफ धमकी का कनाडा और मैक्सिको ने भी मुंहतोड़ जवाब दिया था। कनाडा और मैक्सिको ने जवाबी टैरिफ की धमकी दी थी जिससे ट्रंप और भड़क गए थे। मैक्सिको और कनाडा को लेकर ट्रंप का रुख सख्त था कि या तो ये देश उनकी शर्तें मानें, या आर्थिक दबाव झेलें। मगर जब टैरिफ की घोषणा हुई तो सबकी नजर इसी बात पर थी कि डोनाल्ड ट्रंप कनाडा और मैक्सिको पर कितना टैरिफ लगाकर अपने गुस्से का फिर से इजहार करते हैं। मगर टैरिफ लिस्ट में कनाडा और मैक्सिको का नाम नहीं होने से सब हैरान हैं। सबके मन में यही सवाल है कि आखिर ट्रंप के टैरिफ वाले गुस्से से कनाडा और मैक्सिको क्यों बच गए। कैसे अमेरिका ने उन दोनों देशों पर टैरिफ नहीं लगाया। तो चलिए इसका असली कारण जानते हैं। दरअसल, यूएसएमसीए का पूरा नाम यूनाइटेड स्टेट्स-मेक्सिको-कनाडा एग्रीमेंट है। यूएसएमसीए (यूनाइटेड स्टेट्स-मेक्सिको-कनाडा एग्रीमेंट) ट्रंप के पहले कार्यकाल में लागू हुआ था। यह मुक्त व्यापार को बढ़ावा देता है। व्हाइट हाउस के अनुसार, कनाडा और मैक्सिको को टैरिफ से छूट दी गई, क्योंकि वे यूएसएमसीए के तहत हैं। यूएसएमसीए सामानों पर 0 प्रतिशत टैरिफ रहेगा पर गैर- यूएसएमसीए सामानों पर 25 प्रतिशत और ऊर्जा पर 10 प्रतिशत टैरिफ लगेगा। मैक्सिको और कनाडा पर छूट का कारण उत्तरी अमेरिकी सप्लाई चैन, खासकर ऑटोमोबाइल और ऊर्जा क्षेत्र की सुरक्षा है, जो अमेरिकी अर्थव्यवस्था के लिए अहम हैं। हालांकि, कनाडा और मैक्सिको सीमा सुरक्षा और व्यापार घाटे पर अमेरिका का सहयोग नहीं करते हैं तो जल्द ही उन पर टैरिफ लागू हो सकता है। दरअसल, 2 अप्रैल 2025 को अमेरिकी टैरिफ लिस्ट से कनाडा और मैक्सिको का नाम गायब होने का कारण डोनाल्ड ट्रंप की कनाडा के तब के पीएम जस्टिन ट्रूडो और मैक्सिको की राष्ट्रपति क्लाउडिया शीनबाम के साथ सफल बातचीत है। डोनाल्ड ट्रंप ने अवैध प्रवास और फेंटेनाइल तस्करी रोकने के लिए 25 प्रतिशत टैरिफ की धमकी दी थी। दोनों देशों ने सीमा सुरक्षा और व्यापार घाटे पर सहयोग का वादा किया, जिसके बाद टैरिफ अस्थायी रूप से टाल दिए गए। वीरेंद्र/ईएमएस/03अप्रैल2025