टोक्यो(ईएमएस)। ऐसा लगता है कि इस वक्त पूरी दुनिया में भूकंप की बाढ़ सी आ रही है। आए दिन कहीं न कहीं भूकंप के झटके लग रहे हैं। म्यांमार अभी भूकंप के झटकों से उबर तक नहीं सका था कि जापान में भी धरती डोल उठी। 2 अप्रैल की शाम जापान के क्यूशू क्षेत्र में 6.0 तीव्रता का भूकंप आया। म्यांमार में आए 7 से अधिक मैग्नीट्यूड वाले भूकंपों के बाद यह सबसे तगड़ा भूकंप रहा। हालांकि, अभी तक इससे बड़े पैमाने पर नुकसान की खबर नहीं है। एक दिन पहले ही जापान सरकार ने एक भीषण भूकंप की चेतावनी दी थी। जापानी सरकार के अनुसार, प्रशांत तट के पास 9 तीव्रता का विशाल भूकंप (मेगा भूकंप) आ सकता है, जिससे 2।7 लाख लोगों की मौत हो सकती है और अर्थव्यवस्था को 181 खरब डॉलर का नुकसान हो सकता है। जापानी सरकार ने इसी हफ्ते बेहद ताकतवर भूकंप की आशंका जताई। उनके मुताबिक, नंकाई ट्रफ जोन (समुद्र तल का हिलता हुआ क्षेत्र) में 80 प्रतिशत संभावना है कि 8 से 9 तीव्रता का भूकंप आएगा। सबसे बुरी स्थिति में, 12.3 लाख लोगों को विस्थापित होना पड़ सकता है और 2,98,000 लोगों की जान जा सकती है। 2011 में 9 तीव्रता के भूकंप और सुनामी से जापान में 15,000 लोगों की मौत हुई थी। म्यांमार में 7.7 तीव्रता के भूकंप से अब तक 2,719 लोगों की मौत हो चुकी है और 4,521 घायल हुए हैं। 441 लोग अभी भी लापता हैं। इसके बावजूद, सैन्य सरकार ने जातीय विद्रोही समूहों के खिलाफ सैन्य अभियान जारी रखा है और मानवीय सहायता में बाधा डाली है। वीरेंद्र/ईएमएस/03अप्रैल2025