नई दिल्ली (ईएमएस)। आपको जानकर हैरानी होगी कि आइसक्रीम से ज्यादा बिक्री बाजार में फ्रोजन डेजर्ट्स की हो रही है। क्योंकि हम में से ज्यादातर लोग इन दोनों के बीच का फर्क ही नहीं समझ पाते हैं। आपको यह जानना जरूरी होता है कि आइसक्रीम और फ्रोजन डेजर्ट को बनाने में अलग-अलग चीजों का इस्तेमाल किया जाता है। थोड़ी सी जानकारी बढ़ाकर आप आइसक्रीम और फ्रोजन डेजर्ट्स का अंतर समझ सकते हैं और सेहत का भी ख्याल रख सकते हैं। आज हम आपको अपने इस लेख में बताएंगे कि इन दोनों में क्या अंतर होता है। ये सेहत को कितना नुकसान पहुंचा सकते हैं। आइसक्रीम को दूध या क्रीम से बनाकर तैयार किया जाता है जबकि फ्रोजन डेजर्ट में वेजिटेबल फैट का इस्तेमाल होता है। उदाहरण के लिए, जैसे मिल्क फैट की कीमत अगर 400 रुपये प्रति किलो है, तो वहीं वेजिटेबल फैट का रेट 100 रुपये के करीब होता है। ऐसे में आइसक्रीम के मुकाबले फ्रोजन डेजर्ट के रेट्स कम रहते हैं। इसके अलावा फ्रोजन डेजर्ट में लिक्विड ग्लूकोज का इस्तेमाल किया जाता है। वहीं आइसक्रीम में कैलोरी ज्यादा पाई जाती है, क्योंकि इसे बनाने के लिए मिल्क फैट का इस्तेमाल किया गया होता है। वहीं दूसरी तरफ फ्रोजन डेजर्ट में कैलोरी कम होती है क्योंकि इसे बनाने के लिए डेयरी प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल नहीं किया गया होता है। फ्रोजन डेजर्ट में पाए जाने वाले हाइड्रोजनेटेड वेजिटेबल ऑयल में ट्रांस फैट की मात्रा अधिक होती है। ट्रांस फैट दिल की बीमारियों, मोटापे और कोलेस्ट्रॉल बढ़ाने के लिए जिम्मेदार होते हैं। यह शरीर के मेटाबॉलिज्म रेट को धीमा करता है और लंबे समय में मोटापा बढ़ा सकता है। दोनों में ही शुगर की मात्रा ज्यादा होती है, लेकिन फ्रोजन डेजर्ट में र्टिफिशियल स्वीटनर और एडिटिव्स भी हो सकते हैं, जो पाचन तंत्र के लिए नुकसानदायक हो सकते हैं। आइसक्रीम में नेचुरल डेयरी होती है, जिससे कुछ लोगों को लैक्टोज इनटॉलेरेंस की समस्या हो सकती है। वहीं फ्रोजन डेजर्ट में वेजिटेबल ऑयल और आर्टिफिशियल फ्लेवर होते हैं, जो पेट में जलन और पाचन संबंधी समस्याओं का कारण बन सकते हैं। आइसक्रीम खरीदने से पहले आप पैक पर दी गई इंग्रेडिएंट्स लिस्ट जरूर चेक कर लें। यहां आपको लिखा हुआ मिल जाएगा कि इसे बनाने के लिए डेयरी सोर्स की जगह वेजिटेबल ऑयल का इस्तेमाल किया गया है। सुदामा/ईएमएस 03 अप्रैल 2025