राष्ट्रीय
03-Apr-2025
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नई दिल्ली (ईएमएस)। हेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है कि चोकर युक्त आटा वजन घटाने और हृदय स्वास्थ्य के लिए बेहद फायदेमंद हो सकता है, लेकिन क्या इसका अत्यधिक सेवन नुकसान पहुंचा सकता है? डाइटिशियन के अनुसार, गेहूं को जितना ज्यादा प्रोसेस किया जाता है, उसमें मौजूद पोषक तत्व उतने ही कम हो जाते हैं। गेहूं से सूजी, मैदा और आटा जैसी कई चीजें बनाई जाती हैं। गेहूं का दाना तीन मुख्य भागों में बंटा होता है, जिसमें सबसे ऊपरी परत चोकर कहलाती है। यह परत न केवल अनाज की सुरक्षा करती है बल्कि हमारे शरीर के लिए भी ढाल का काम करती है। चोकर युक्त आटे में साधारण आटे की तुलना में अधिक फाइबर पाया जाता है, लेकिन रोटी बनाते समय इसे छानकर अलग कर दिया जाता है, जिससे फाइबर भी खत्म हो जाता है। यही वजह है कि विशेषज्ञ चोकर युक्त आटे को ज्यादा फायदेमंद मानते हैं। फाइबर से भरपूर आहार पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है और आंतों की सफाई में मदद करता है। एक स्वस्थ व्यक्ति को प्रतिदिन लगभग 15 ग्राम फाइबर की जरूरत होती है। साधारण आटा या मैदा तेजी से पच जाता है और रक्त में ग्लूकोज का स्तर बढ़ा सकता है, जबकि चोकर युक्त आटा धीरे-धीरे पचता है और ग्लूकोज को नियंत्रित रखता है। इससे शरीर को पर्याप्त मात्रा में इंसुलिन मिल पाता है और पाचन प्रक्रिया बेहतर बनी रहती है। इसके अलावा, यह कब्ज और अन्य पेट से जुड़ी समस्याओं से भी राहत दिलाने में मदद करता है। विशेषज्ञों के अनुसार, दिनभर में 4-5 चोकर युक्त रोटियां खाना पर्याप्त माना जाता है। हालांकि, चोकर युक्त आटा सेहत के लिए लाभदायक है, लेकिन इसका जरूरत से ज्यादा सेवन पेट की समस्याओं को जन्म दे सकता है। अत्यधिक मात्रा में फाइबर खाने से गैस, अपच और अल्सर जैसी परेशानियां हो सकती हैं। सुदामा/ईएमएस 03 अप्रैल 2025