02-Apr-2025
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इस्लामाबाद,(ईएमएस)। दुनियां में शानदार क्रिकेटर के तौर पर मशहूर पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को दूसरी बार नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामित किया गया है। उन्हें पाकिस्तान में मानवाधिकारों और लोकतंत्र को बढ़ावा देने के लिए नामांकित किया गया है। नॉर्वे की राजनीतिक पार्टी ‘पार्टियेट सेंट्रम’ से जुड़े पाकिस्तान वर्ल्ड अलायंस (पीडब्ल्यूए) ने यह घोषणा की है। इससे पर राजनीतिक तौर पर पाकिस्तान की शाहबाज सरकार घिर सकती है, क्योंकि उस पर जबरन इमरान को जेल में बंद रखने के आरोप भी समय-समय पर लगते रहे हैं। यहां बताते चलें कि इससे पहले, 2019 में भी पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान का नाम नोबेल पीस प्राइज के लिए नॉमिनेट किया गया था। उस वक्त उन्हें भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव कम करने के प्रयासों के लिए यह नामांकन मिला था। दरअसल बालाकोट हवाई हमले के बाद इमरान खान ने दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव को कम करने की पहल की थी, जिसके समर्थन में पाकिस्तान की संसद में एक प्रस्ताव भी पेश किया गया था। पीडब्ल्यूए ने सोशल मीडिया पर की घोषणा पार्टियेट सेंट्रम ने रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स (ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए कहा, कि हमें यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि हमने नामांकन का अधिकार रखने वाले किसी व्यक्ति के साथ मिलकर पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामित किया है। इमरान खान को बार-बार नोबेल शांति पुरस्कार के लिए यूं नामित किए जाने से पाकिस्तान की मौजूदा सरकार की खासी किरकिरी होना लाजमी है। इमरान समर्थक इसे ढाल बनाकर शाहबाज सरकार पर निशाना साध सकते हैं। जानकारों की मानें तो इस समय पाकिस्तान की मौजूदा सरकार विश्व में हुए बदलाव से खासे दबाव में है। रावलपिंडी की जेल में बंद हैं इमरान इमरान खान 2023 से पाकिस्तान की रावलपिंडी स्थित अडियाला जेल में बंद हैं। जनवरी 2025 में पाकिस्तान की एक कोर्ट ने उन्हें 14 साल की सजा सुनाई। उन पर राष्ट्रीय खजाने को 50 अरब पाकिस्तानी रुपए का नुकसान पहुंचाने का आरोप है। यहां बताते चलें कि 9 मई 2023 को इमरान की गिरफ्तारी के बाद पूरे पाकिस्तान में सेना के अहम ठिकानों पर हमले हुए थे। क्या इमरान को मिल सकता है नोबेल? नोबेल शांति पुरस्कार के लिए कई चरणों में प्रक्रिया संपन्न होती है। यह तय करना नोबेल समिति के हाथ में होता है कि किसे अंतिम सूची में रखा जाएगा। इमरान खान का नामांकन एक बड़ा मुद्दा बन सकता है, क्योंकि वे इस समय जेल में बंद हैं और पाकिस्तान में राजनीतिक उथल-पुथल जारी है। इसलिए भी यह सवाल अहम हो गया है कि क्या इमरान खान को बाकई नोबेल शांति पुरस्कार मिल सकता है या नहीं? हिदायत/ईएमएस 02अप्रैल05