राज्य
02-Apr-2025
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रायपुर(ईएमएस)। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित 2161 करोड़ रुपये के शराब घोटाले में गिरफ्तार पूर्व आबकारी मंत्री और कोंटा विधायक कवासी लखमा को न्यायिक रिमांड समाप्त होने के बाद प्रवर्तन निदेशालय (ED) की विशेष अदालत में पेश किया गया। इस मामले में ED ने 3,841 पन्नों की चार्जशीट दाखिल कर लखमा समेत 21 लोगों को आरोपी बनाया है। ED के अनुसार, मंत्री पद पर रहते हुए लखमा को हर महीने करीब 2 करोड़ रुपये मिलते थे, जिससे कुल 72 करोड़ रुपये की अवैध कमाई हुई। जांच एजेंसी का दावा है कि इस धनराशि का उपयोग कांग्रेस कार्यालय और उनके बेटे के घर निर्माण में किया गया। जनवरी में गिरफ्तारी के बाद से लखमा लगातार न्यायिक हिरासत में हैं। ED ने बताया कि 2017 में छत्तीसगढ़ की आबकारी नीति में संशोधन कर CSMCL के माध्यम से शराब बेचने की व्यवस्था की गई, लेकिन 2019 के बाद इस नीति में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हुआ। ED ने अपनी जांच में पाया कि अनवर ढेबर के नेतृत्व में एक आपराधिक सिंडिकेट ने शराब बिक्री में घोटाला किया, जिसमें राजनीतिक और प्रशासनिक अधिकारियों की संलिप्तता रही। इस मामले में पूर्व IAS अधिकारी अनिल टुटेजा, उनके बेटे यश टुटेजा और तत्कालीन मुख्यमंत्री सचिवालय की उपसचिव सौम्या चौरसिया के खिलाफ भी जांच जारी है। जांच एजेंसी के अनुसार, इस घोटाले का खुलासा दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट में 2022 में दायर याचिका के आधार पर हुआ था, जिसके बाद ED ने मामला दर्ज किया। अपनी गिरफ्तारी के बाद कवासी लखमा ने सफाई देते हुए कहा था कि वे निरक्षर हैं और जो भी कागजात उनके सामने लाए जाते थे, वे उन पर हस्ताक्षर कर देते थे। उन्हें इस घोटाले की कोई जानकारी नहीं थी। हालांकि, ED का दावा है कि लखमा को इस पूरे भ्रष्टाचार की जानकारी थी और वे इसमें सक्रिय रूप से शामिल थे। ED की विशेष अदालत में अब इस मामले की अगली सुनवाई में फैसला होगा कि लखमा को आगे भी न्यायिक हिरासत में रखा जाएगा या उन्हें किसी अन्य प्रक्रिया के तहत जमानत मिल सकती है। सत्यप्रकाश(ईएमएस)02 अप्रैल 2025