अंतर्राष्ट्रीय
02-Apr-2025
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टोक्यो (ईएमएस)। म्‍यांमार-थाईलैंड में भूकंप से तबाही से दुनिया उबरी भी नहीं हैं कि जापान ने एक नई चेतावनी जारी कर दी। एक रिपोर्ट के मुताबिक, एक मेगाक्‍वेक यानी महाभूकंप आ सकता है, जो एक झटके में तीन लाख से ज्‍यादा लोगों की जान ले सकता है। इससे समुद्र में सुनामी उठेगी और कई देशों में व्‍यापक तबाही मच सकती है। रिपोर्ट में इसकी चेतावनी दी गई कि देश के प्रशांत तट पर एक लंबे समय से प्रतीक्षित मेगाक्वेक आ सकता है, जो विनाशकारी सुनामी लाएगा। सैकड़ों इमारतें जमींदोज होगी। पिछले साल जापान ने पहली बार मेगाक्वेक की चेतावनी जारी की थी कि ट्रफ के किनारे पर 7.1 तीव्रता का भूकंप आने के बाद 9 तीव्रता के भूकंप की संभावना है। अगर ऐसा होता हैं तब जापान की अर्थव्यवस्था खरबों डॉलर का नुकसान होगा। इसकारण इस महाभूंकप से निपटने के लिए अभी से तैयारियां तेज हो गई हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, 9 की तीव्रता वाला भूकंप आने पर 13 लाख लोगों को बाहर निकालना पड़ सकता है। यह जापान की कुल जनसंख्‍या का 10 फीसदी होगा। अगर ऐसा भूकंप सर्दियों में देर रात के समय आता है, तब सुनामी और इमारतों के गिरने से 2,98,000 लोग अपनी जान गंवा सकते हैं। जापान दुनिया के सबसे खतरनाक जोन में हैं। यहां समुद्री क्षेत्र में 8 से 9 तीव्रता के भूकंप की लगभग 80 प्रतिशत संभावना है। यह ट्रफ जापान के दक्षिण-पश्चिम प्रशांत तट से लगभग 900 किमी (600 मील) तक फैला हुआ है, जहां फिलीपीन सागर प्लेट यूरेशियन प्लेट के नीचे धंस रही है। जमा हो रहे टेक्टोनिक तनाव के कारण करीब हर 100 से 150 साल में एक मेगाक्वेक आ सकता है। 2011 में 9 तीव्रता के भूकंप ने एक विनाशकारी सुनामी और उत्तर-पूर्व जापान में एक परमाणु ऊर्जा संयंत्र में तीन रिएक्टरों के पिघलने का कारण बना, जिसमें 15,000 से अधिक लोग मारे गए थे। आशीष/ईएमएस 02 अप्रैल 2025