नई दिल्ली (ईएमएस)। हेल्थ विशेषज्ञों का कहना है कि नियमित रूप से पैदल चलने की आदत डालने से कई स्वास्थ्य लाभ मिलते हैं। डॉक्टरों के अनुसार, हर व्यक्ति को प्रतिदिन कम से कम 30 मिनट पैदल चलना चाहिए। इससे हृदय स्वस्थ रहता है, ब्लड प्रेशर नियंत्रित रहता है और शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है। पैदल चलना एक आसान और प्रभावी व्यायाम है, जो शरीर को स्वस्थ बनाए रखने में मदद करता है। नियमित रूप से पैदल चलने से वजन नियंत्रित रहता है और मोटापे से जुड़ी बीमारियों का खतरा कम होता है। यह ब्लड शुगर को नियंत्रित करने में सहायक होता है, जिससे टाइप-2 डायबिटीज का खतरा कम हो जाता है। इसके अलावा, यह हड्डियों को मजबूत करता है और ऑस्टियोपोरोसिस व आर्थराइटिस जैसी समस्याओं से बचाने में मदद करता है। पैदल चलने से रक्त संचार बेहतर होता है, जिससे शरीर के विभिन्न अंगों को पर्याप्त ऑक्सीजन और पोषक तत्व मिलते हैं। मानसिक स्वास्थ्य के लिहाज से भी पैदल चलना बेहद फायदेमंद है। यह तनाव को कम करता है और दिमाग को शांत रखने में मदद करता है। जब कोई व्यक्ति पैदल चलता है, तो उसके शरीर में एंडोर्फिन नामक हार्मोन का स्राव होता है, जिसे ‘खुशी का हार्मोन’ भी कहा जाता है। यह मूड को बेहतर बनाता है और मानसिक अवसाद को दूर करने में मदद करता है। इसके अलावा, पैदल चलने से दिमाग में रक्त संचार बढ़ता है, जिससे याददाश्त और एकाग्रता में सुधार होता है। विशेषज्ञों का कहना है कि उम्र के अनुसार हर व्यक्ति के लिए पैदल चलने की एक निश्चित मात्रा निर्धारित होनी चाहिए। बच्चों और किशोरों (6-18 वर्ष) के लिए प्रतिदिन कम से कम 60 मिनट की शारीरिक गतिविधि फायदेमंद होती है। वयस्कों (18-50 वर्ष) को रोजाना 7,000 से 10,000 कदम चलने की सलाह दी जाती है, जबकि 50 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों के लिए प्रतिदिन 5,000 से 7,000 कदम चलना लाभदायक होता है। पैदल चलने और दौड़ने की तुलना की जाए, तो दोनों के बीच कई अंतर देखने को मिलते हैं। दौड़ना पैदल चलने की तुलना में अधिक कैलोरी बर्न करता है और वजन घटाने में तेजी लाता है, लेकिन पैदल चलने से जोड़ों पर कम दबाव पड़ता है, जिससे घुटनों और टखनों को नुकसान होने की संभावना कम रहती है। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग व्यस्तता के कारण अपनी सेहत पर ध्यान नहीं दे पाते हैं, लेकिन पैदल चलने जैसी साधारण आदत अपनाकर वे खुद को स्वस्थ रख सकते हैं। सुदामा/ईएमएस 02 अप्रैल 2025