मुंबई (ईएमएस)। राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता शबाना आजमी का मानना है कि उन्होंने अभी सब कुछ नहीं जाना है और उनके लिए जीवन के कई अनुभव लेना बाकी हैं। पांच दशकों से ज्यादा के अपने शानदार करियर के बावजूद अभिनेत्री का कहना है कि यह सोचना बेकार होगा कि उन्होंने हर पहलू को जी लिया है। एक बातचीत में शबाना ने कहा कि यह मानना कि मैंने सब कुछ अनुभव कर लिया है, अवास्तविक होगा। हां, मैं अब ज़्यादा रोमांचक काम नहीं कर सकती, वो बेवकूफी होगी, लेकिन मैं फिर भी करना चाहती हूं। मुझे ज्यादा कुछ नहीं चाहिए। बता दें शबाना आजमी ने 1974 में श्याम बेनेगल की फिल्म अंकुर से अपने करियर की शुरुआत की थी। 50 साल के करियर में उन्होंने 160 से ज्यादा फिल्मों में काम किया है, जिनमें से ज्यादातर स्वतंत्र सिनेमा और नवयथार्थवादी समानांतर फिल्मों से जुड़ी रही हैं। इसके साथ ही उन्होंने मुख्यधारा की बॉलीवुड फिल्मों और अंतरराष्ट्रीय प्रोजेक्ट्स में भी अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। अभिनेत्री शबाना आजमी अपने दमदार और असामान्य महिला किरदारों के लिए जानी जाती हैं। उन्होंने अब तक पांच बार सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार जीता है और 1998 में पद्म श्री और 2012 में पद्म भूषण से भी सम्मानित हो चुकी हैं। जब उनसे पूछा गया कि क्या कोई ऐसी भूमिका है जिसे न निभा पाने का उन्हें अफसोस है या कोई फिल्म जिसका हिस्सा वह बनना चाहती थीं, तो उन्होंने जवाब दिया। मेरी एक दोस्त कहती है कि मेरी आदत अजीब है। कभी-कभी मैं कहती हूं,अच्छा हुआ मैंने वो फिल्म नहीं की। वो पूछती है, क्या तुम्हें वो फिल्म ऑफर हुई थी? मैं कहती हूं नहीं। फिर वह कहती है, तो तुम क्यों खुश हो? मेरे दिमाग में ख्याल आता है कि अच्छा हुआ मैं उस फिल्म का हिस्सा नहीं बनी, लेकिन जब मुझे वो मिली ही नहीं, तो मैं क्या ही कर लेती? शबाना को आखिरी बार आर बाल्की की स्पोर्ट्स ड्रामा फिल्म घूमर में देखा गया था, जिसमें अभिषेक बच्चन, सैयामी खेर और अंगद बेदी भी अहम भूमिकाओं में थे। सिराज/ईएमएस 02 अप्रैल 2025