निगम अध्यक्ष सोनू मागो ने कलेक्टर पहुंचकर सौंपा ज्ञापन छिंदवाड़ा (ईएमएस)। नगर निगम की साधारण परिषद की बैठक में पास हुए ९ प्रस्तावों का पेच उलझता नजर आ रहा है। एक ओर सत्तादल के पार्षद बहुमत जताते हुए सभी प्रस्तावों को पास होना बता रहे है वहीं विपक्ष इसे असंवैधानिक बताते हुए न्याय की गुहार लगा रहे है। इसी के चलते मंगलवार को कांग्रेस पार्षदों द्वारा कलेक्टे्रट कार्यालय पहुंचकर कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपा है। कांग्रेस पार्षदों का कहना है कि एमआईसी की बैठक में पास ९ प्रस्तावों को साधारण परिषद की बैठक में रखा गया था। बैठक में दो ही प्रस्ताव पढ़े गए इसके पश्चात सत्ता पक्ष भाजपा के पार्षदों ने अन्य प्रस्तावों पर बिना चर्चा के ही एक लाइन में इसके सभी नौ प्रस्तावों को पास कर दिया और वॉक आउट कर गए। इसके बाद निगम अध्यक्ष और कांग्रेस पार्षद बैठे रहे। बाद में अध्यक्ष ने सदन को स्थगित करने की घोषणा थी। अब परिषद के अध्यक्ष धमेन्द्र सोनू मांगों नियमों का हवाला देकर कह रहे है कि जब परिषद में प्रस्ताव पढ़े ही नहीं गए तो वह पास कैसे हो सकते है। इसी वजह से कांग्रेस पार्षद दल कलेक्टर से उक्त मामले में न्याय दिलाने की मांग कर रहे है। बहुमत के आधार पर पास कर दिए प्रस्ताव नगर निगम की मेयर इन काउंसिल ने बीती 25 मार्च को सम्पत्ति करों की दरों में 10 प्रतिशत वृद्धि, जल टैक्स में आवासीय में 175 रुपए प्रतिमाह के स्थान पर 260 रुपए, व्यावसायिक कनेक्शन में 600 रुपए के स्थान पर 780 रुपए, उपभोक्ता प्रभार में आवासीय 10 रुपए तथा व्यावसायिक 50 रुपए के स्थान पर अब गुमठी झोपड़पट्टी में 50 रुपए, आवासीय 100 रुपए, व्यावसायिक प्रतिष्ठान 150 रुपए तथा औद्योगिक प्रयोजन के लिए 250 रुपए रखने का प्रस्ताव पास किया था। इस प्रस्ताव पर विपक्ष के विरोध को देखते हुए सम्मेलन में टैक्स पर चर्चा का सभी को इंतजार था। पूरा शहर भी संशोधन के बारे में प्रतीक्षारत था, लेकिन भाजपा पार्षद दिवाकर सदारंग के द्वारा सभी पार्षदों को वॉक आउट करने का कहने से अन्य प्रस्तावों पर चर्चा नहीं हो पाई। वाक आउट से पहले ही भाजपा पार्षदों ने एक साथ बहुमत के आधार पर सभी नौ प्रस्ताव पारित करार दे दिया था। महापौर ने निगम अध्यक्ष को लिखा पत्र निगम महापौर विक्रम अहके ने मंगलवार को निगम अध्यक्ष धमेन्द्र सोनू मागो को पत्र लिखकर बैठक की कार्यवृत्त जारी करने की बात कही है। महापौर द्वारा जारी पत्र में उन्होंने कहा है कि नगर निगम में २८ मार्च को साधारण परिषद की बैठक का आयोजन किया गया था। जिसमें ९ प्रस्ताव रखे गए थे। सभी प्रस्तावों को बहुमत के आधार पर पास किया गया था। वर्तमान में वित्तीय वर्ष २०२५-२६ प्रारम्भ हो चुका है। लेकिन अब तक निगम अध्यक्ष द्वारा बैठक की प्रोसीडिंग अब तक नहीं सौंपी गई है। जिससे निगम के कार्य में परेशानी हो रही है। अध्यक्ष जल्द ही प्रोसीडिंग सौंपे ताकि निगम का काम सुचारू रूप से संचालित किया जा सके। संविधान का करेंगे पालन इस मामले में निगम अध्यक्ष धमेन्द्र सोनू मांगों का कहना है कि परिषद में रखे गए प्रस्तावों को बिना पढ़े ही पास कर दिया गया है। भाजपा पार्षदों द्वारा बीच बैठक में ही वाक आउट कर दिया गया था। इसी वजह से हमारे द्वारा कलेक्टर से ज्ञापन के माध्यम से आग्रह किया गया है कि आप नियमों व संविधान की जांच कर ले अगर साधारण परिषद की बैठक में बिना पढ़े ही प्रस्ताव पास किए जा सकत है ऐसा नियम है तो हम संविधान को मानने वाले है। जैसा संविधान में होगा हम उन नियमों का पालन करेंगे। अब भी स्थिति नहीं हो पाई स्पष्ट मंगलवार से नया वित्तीय वर्ष प्रारम्भ हो चुका है। बैठक में पास हुए प्रस्तावों के आधार पर जलकर व संपत्तिकरों की दर में बढोत्तरी हो चुकी है। लेकिन प्रस्ताव पास हुए है कि नहीं यह अब तक स्पष्ट नहीं हो पा रहा है। जिसकी वजह से करो की वृद्धि में भी संशय की स्थिति बनी हुई है। हालांकि कई उपभोक्ता जलकर भरने कार्यालय पहुंच रहे लेकिन कार्यालय कर्मचारियों को भी स्थिति स्पष्ट नहीं है। जिसकी वजह से कर्मचारियों सहित उपभोक्ता दोनों ही परेशान होते नजर आ रहे है। इनका कहना है जलकर व संपत्तिकर का प्रस्ताव बहुमत के आधार पर पास हुआ है। जलकर व संपत्तिकर की नई दरे इस वित्तीय वर्ष में लागू की जाएगी। लेकिन अब तक हमे बैठक की कार्यवृत्त नहीं मिल पाई है। इस वजह से हम पोर्टल अपडेट नहीं कर पा रहे है। कार्यवृत्त मिलते ही पोर्टल अपडेट किया जाएगा। चन्द्रप्रकाश राय आयुक्त नगर निगम ईएमएस/मोहने/ 01 अप्रैल 2025