क्षेत्रीय
01-Apr-2025
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-12वीं पास सरगना एआई का उपयोग कर चैटजीपीटी की मदद से तैयार करता था कंपनियो के ज्वॉयनिंग लेटर -बैरोजगारो लोगो का ऑनलाईन खरीदते थे डाटा। - कंपनी मे रजिस्ट्रेशन, मेडीकल और रहने के नाम पर कराते थे पैसा ट्रान्सफर भोपाल(ईएमएस)। क्राईम ब्रान्च (सायबर) भोपाल की टीम ने ऐसे ठग गिरोह के मास्टरमांइड सहित दो आरोपियो को यूपी के नोएडा से गिरफ्तार किया है, जिन्होनें नामचीन अल्ट्राटेक कम्पनी मे नौकरी दिलाने के नाम पर 12 लाख 68 हजार से अधिक की ठगी की थी। क्राईम ब्रांच एडीसीपी शैलेंद्र सिंह चौहान ने जानकारी देते हुए बताया की मार्च 2024 में फरियादी दुलारे सिंह (परिवर्तित नाम) ने लिखित शिकायत करते हुए बताया की उसे अच्छी नौकरी की तलाश थी, इस बीच अज्ञात आरोपियो ने उससे सात अलग-अलग मोबाइल नंबरो से फोन पर संपर्क कर खुद को इंडीड कंसलटेंसी कंपनी का कर्मचारी बताकर संपर्क किया था। आरोपियो ने उसे अल्ट्राट्रेक कंपनी में नौकरी लगने की बात कही और कंपनी में रजिस्ट्रेशन, मेडीकल और रहने के नाम पर एसबीआई, केनरा बैंक, आईडीबीआई, डीसीबी और एचडीएफसी बैंक के कई अकांउट में 12 लाख 68 हजार से अधिक की रकम ट्रांसफर करवा ली। शिकायत की जॉच के बाद पुलिस ने मोबाइल नंबर धारको और जिन खातो में रकम ट्रांसफर की गई थी, उन खाता धारको के खिलाफ मामला दर्ज कर आगे की कार्यवाही शुरु की। सायबर क्राईम टीम ने तकनीकी एनालिसिस में हाथ लगे सुरागो के आधार पर ठग गिरोह के मास्टरमांइड नितेश सिन्हा और राज सिन्हा निवासी, ड्रीम हॉम्स अपार्टमेन्ट 3 सेक्टर-73 नोयडा उ.प्र. से गिरफ्तार कर लिया। आरोपियेा के पास से वारदात में इस्तेमाल किये गये 8 मोबाइल, 9 सिम कार्ड, लेपटॉप, राउटर सहित अन्य दस्तावेज जप्त किये गये है। अफसरो के मुताबिक आरोपियो से पूछताछ में खुलासा हुआ की ठग नौकरियो की तलाश में भटक रहे बेरोजगार युवको का डाटा ऑनलाइन खरीद लेत और फिर उन लोगो को बडी-बडी कंपनियो मे नौकरी दिलाने का झांसा दिया जाता। बेरोजगारो को विश्वास में लेने के गिरोह का सरगना नितेश सिन्हा 12वीं तक पढ़ा है, वो नामी कंपनियो की फर्जी मेल आईडी बनाकर, एआई का उपयोग कर चैटजीपीटी की मदद से कंपनियो के ज्वॉयनिंग लेटर बना कर अपने साथी 10वीं तक पढ़े आरोपी राज सिन्हा को देता था। आरोपी राज सिन्हा लोगो से नौकरी लगवाने की बात करता और फिर फर्जी मेल आईडी से अल्ट्राटेक सीमेन्ट कंपनी के फर्जी लेटर और ज्वॉयनिंग लेटर भेजकर उनसे कहता की उनकी नौकरी लग गइ है। इसके बाद उनसे कहा जाता की अल्ट्राटेक सीमेन्ट कम्पनी मे ज्वॉयनिंग से पहले मेडीकल के नाम पर पैसे खातो मे ट्रान्सफर करवा लेता। मेडिकल के बाद ज्वाईनिंग से पहले कंपनी मे ट्रेनिग करने वहॉ रहने व खाने के नाम पर फर्जी खातो मे रकम ट्रान्सफर करवा लेता। पैसे निकालने और डाटा उपलब्ध कराने का काम सरगना नितेश सिन्हा करता था। उसका साथी आरोपी राज सिन्हा लोगो को कॉल व मेल कर नौकरी देने के फर्जी जाल मे फंसाता था। जुनेद / 1 अप्रैल