-अस्पतालों में संसाधनों की कमी के चलते इलाज में आ रही दिक्कतें नयपीताव,(ईएमएस)। म्यांमार में 7.7 तीव्रता के भीषण भूकंप के बाद स्वास्थ्य प्रणाली पूरी तरह चरमरा गई है। सोमवार को मृतकों की संख्या बढ़कर 2,056 हो गई, जबकि करीब 3,900 लोग घायल हुए हैं जबिक 270 लोग लापता बताए जा रहे हैं। बता दें कि देश के दो प्रमुख शहरी क्षेत्र मंडाले और नयपीताव भूकंप के घायलों के बढ़ते दबाव से जूझ रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि अस्पताल पहले ही मरीजों से भरे हैं, लेकिन अब हालात और भी खराब हो गए हैं। जगह और संसाधनों की भारी कमी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक पिछले चार सालों से जारी सैन्य शासन ने म्यांमार की स्वास्थ्य सेवाओं को पूरी तरह बर्बाद कर दिया है। भूकंप से पहले भी कई अस्पतालों की स्थिति खराब थी, लेकिन अब हालात और बिगड़ गए हैं। मंडाले में हालात सबसे ज्यादा खराब हैं, क्योंकि यहां के 80 फीसदी से ज्यादा मेडिकल स्टाफ सैन्य शासन के खिलाफ सिविल नाफरमानी आंदोलन में शामिल हो हैं। पिछले एक माह में सात निजी अस्पतालों के लाइसेंस रद्द कर दिए गए, क्योंकि उन्होंने सरकारी अस्पतालों के पूर्व कर्मचारियों को नौकरी पर रखा था। भूकंप से पहले ही मंडाले के कई निजी अस्पताल बंद हो चुके थे, क्योंकि सैन्य सरकार ने उन्हें काम करने से रोक दिया था। अब भूकंप में बचे अस्पताल भी बर्बाद हो गए, जिससे इलाज ठप हो गया है। मंडाले जनरल अस्पताल, जो सेना द्वारा संचालित किया जाता है, वहां का दृश्य भूकंप के बाद बहुत भयावह है। मीडिया रिपोर्ट में एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि अस्पताल में दाखिल होते ही चारों तरफ खून से लथपथ मरीज बिखरे पड़े थे। बेड नहीं होने से मरीज जमीन पर पड़े थे। डॉक्टरों की संख्या कम होने से लोग बस बैठे इंतजार कर रहे थे, असहाय और हताश। म्यांमार के मौसम विज्ञान और जल विज्ञान विभाग के मुताबिक अब तक 36 आफ्टरशॉक्स दर्ज किए गए हैं, जिनकी तीव्रता 2.8 से 7.5 के बीच थी। शुक्रवार को आए 7.7 तीव्रता के भूकंप के कुछ मिनट बाद 6.4 तीव्रता का आफ्टरशॉक भी आया, जिससे देश में तबाही मच गई। सिराज/ईएमएस 01अप्रैल25