ढाका(ईएमएस)। बांग्लादेश में अंतरिम सरकार के मुखिया मोहम्मद यूनुस बुरी तरह उलझते जा रहे हैं। भारत के लिए परेशानी के बीज बोने की कोशिश में लगे यूनुस खुद परेशानी में उलझते जा रहे हैं। बांग्लादेश में हालात दिन-ब-दिन बिगड़ते जा रहे हैं। यूनुस के नेतृत्व में देश आर्थिक परेशानी, कूटनीतिक मुश्किलों और जनता के गुस्से से जूझ रहा है। कपड़ा उद्योग की हालत खराब हो रही है, सेना और सरकार के बीच तनाव बढ़ रहा है, निवेशकों का भरोसा टूट रहा है, विदेश नीति कमजोर पड़ रही है और भ्रष्टाचार के आरोपों ने सरकार की साख पर सवाल उठा दिए हैं। बीते सप्ताह ही वह चीन के चार दिवसीय दौरे से लौटे हैं। वह चीन तो कटोरा लेकर गए थे लेकिन वहां उन्होंने भारत के साथ खेल करने की कोशिश की। उन्होंने अपने आधिकारिक बयान में भारत के पूर्वोत्तर के राज्यों की चर्चा की और कहा कि उन इलाकों के पास समंदर नहीं है इसलिए चीन बांग्लादेश में निवेश करेगा तो उसको एक बड़ा बाजार मिलेगा। लेकिन, वह भूल गए कि भारत एक ऐसा देश है जो तीन तरफ से समंदर से घिरा है। इन समुद्री बंदरगाहों से पूरे भारत की जरूरत पूरी होती है। भारत अलग-अलग इलाकों में नहीं बंटा है। बांग्लादेश का कपड़ा उद्योग भारी संकट में है। यह उद्योग देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। 5 अगस्त, 2024 से अब तक 140 से ज्यादा कपड़ा कारखाने बंद हो चुके हैं। इस महीने ही 15 और कारखानों ने ताले लगा दिए। इससे एक लाख से ज्यादा मजदूरों की नौकरी चली गई और कई को उनकी बकाया तनख्वाह या सुविधाएं भी नहीं मिलीं। ढाका और उसके आसपास के इलाकों में यह असर सबसे ज्यादा दिख रहा है। ढाका में 103, गाजीपुर में 70, नारायणगंज में 23 और सावर-अशुलिया में 41 कारखाने बंद हुए हैं। देश में कानून-व्यवस्था की स्थिति खराब होने से निवेशकों का भरोसा डगमगा गया है। लूटपाट, आगजनी, हत्याएं और उग्रवादी गतिविधियां बढ़ रही हैं। पिछले साल की तुलना में विदेशी निवेश 71 फीसदी कम हो गया है। कारोबारियों ने खुलकर कहा है कि सरकार उनकी सुरक्षा और आर्थिक सुधार के लिए कुछ नहीं कर रही। ढाका में हिज्ब उत-तहरीर जैसे चरमपंथी संगठनों का खुलेआम प्रदर्शन निवेशकों के डर को और बढ़ा रहा है। यूनुस और उनकी सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप भी लग रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, कई सरकारी सलाहकार नियम तोड़कर सरकारी गाड़ियों का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं। वीरेंद्र/ईएमएस/01अप्रैल2025