राष्ट्रीय
01-Apr-2025
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नई दिल्ली (ईएमएस)। हर पांच में से एक अमीर भारतीय स्थायी रूप से विदेश में बसने की योजना बना रहा है। इसके लिए वे विदेशी संपत्तियों में निवेश कर रहे हैं और वहां घर खरीद रहे हैं। इस बदलाव के पीछे प्रमुख कारण निवेश के बेहतर अवसर, टैक्स में छूट, वैश्विक कनेक्टिविटी और जीवनशैली की गुणवत्ता मानी जा रही है। कोटक महिंद्रा बैंक के प्राइवेट बैंकिंग डिवीजन ने भारत के 12 प्रमुख शहरों में रहने वाले 150 अमीरों का इंटरव्यू लिया। यह सर्वे 2024-25 के शुरुआती दो तिमाहियों यानी 1 अप्रैल 2024 से 30 सितंबर 2024 के बीच किया गया। खासतौर पर 300 करोड़ रुपये से अधिक नेटवर्थ वाले व्यक्तियों को इस अध्ययन में शामिल किया गया। रिपोर्ट के अनुसार, अमीर भारतीयों का रुझान अब केवल घरेलू निवेश तक सीमित नहीं रहा, बल्कि वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपने निवेश को फैला रहे हैं। कई लोग विदेश में घर खरीदने को प्राथमिकता दे रहे हैं, जबकि कुछ अपने बच्चों की उच्च शिक्षा और बेहतर भविष्य को ध्यान में रखते हुए वहां संपत्तियां खरीद रहे हैं। सर्वे के आंकड़ों के मुताबिक, एक तिहाई से अधिक अमीर भारतीयों ने पहले ही विदेशों में संपत्तियों में निवेश किया है। इनमें से कुछ लोग खुद वहां बसने की योजना बना रहे हैं, जबकि कुछ केवल निवेश के मकसद से ऐसा कर रहे हैं। कोटक महिंद्रा बैंक के प्राइवेट बैंकिंग के सीईओ ओइशर्या दास का कहना है कि भारतीय अरबपति अब अपने निवेश पोर्टफोलियो को ज्यादा विविध बना रहे हैं। वे भारत के साथ-साथ वैश्विक बाजारों में भी निवेश को प्राथमिकता दे रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रवृत्ति के पीछे कई कारण हैं। कोरोना महामारी के बाद स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर लोगों की सोच बदली है और अमीर वर्ग को लगता है कि विदेशों में उन्हें बेहतर मेडिकल सुविधाएं मिल सकती हैं। इसके अलावा, उच्च शिक्षा के लिए विदेश जाने वाले बच्चों के कारण कई परिवार स्थायी रूप से वहां बसने की योजना बना रहे हैं। सुदामा/ईएमएस 01 अप्रैल 2025