ज़रा हटके
01-Apr-2025
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नई दिल्ली (ईएमएस)। स्वाद में खट्टा-मीठा फल जामुन न केवल स्वाद में अनोखा होता है, बल्कि सेहत के लिहाज से भी बेहद फायदेमंद माना जाता है। गर्मियों का मौसम शुरू होते ही बाजार में कई मौसमी फल नजर आने लगते हैं। जामुन का बैंगनी रंग और तीखा-मीठा स्वाद इसे अन्य फलों से अलग बनाता है। आयुर्वेद और वैज्ञानिक शोध दोनों ही इसके लाभों को स्वीकारते हैं, जिससे यह गर्मी के मौसम का एक अनमोल तोहफा साबित होता है। वैज्ञानिक रूप से सिजीगियम क्यूमिनी नाम से पहचाने जाने वाला जामुन भारत सहित पूरे दक्षिण एशिया में प्रचुर मात्रा में पाया जाता है। इसे आमतौर पर नमक या चाट मसाले के साथ खाया जाता है, जिससे इसका स्वाद और भी लाजवाब हो जाता है। जामुन का फल लगभग 70 प्रतिशत खाने योग्य होता है और इसमें मुख्य रूप से ग्लूकोज और फ्रक्टोज जैसे प्राकृतिक शर्करा स्रोत मौजूद होते हैं। कैलोरी की दृष्टि से यह अन्य फलों की तुलना में हल्का होता है। इसके बीजों में कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन और कैल्शियम की प्रचुरता होती है, साथ ही यह विटामिन बी, कैरोटिन, मैग्नीशियम और फाइबर का भी बेहतरीन स्रोत है। एक रिपोर्ट के अनुसार, जामुन डायबिटीज, हाई कोलेस्ट्रॉल, हाई ब्लड प्रेशर और मोटापे जैसी मेटाबॉलिक समस्याओं को नियंत्रित करने में मददगार साबित हो सकता है। शोध में पाया गया कि जामुन के नियमित सेवन से ब्लड शुगर लेवल नियंत्रित रहता है, जिससे यह मधुमेह के मरीजों के लिए बेहद लाभदायक माना जाता है। इसके अलावा, यह हृदय स्वास्थ्य को सुधारने, कोलेस्ट्रॉल कम करने, सूजन को घटाने और कैंसर रोधी गुणों के लिए भी जाना जाता है। गर्मियों में लू से बचाव के लिए भी जामुन बेहद कारगर माना जाता है। यह इम्यून सिस्टम को मजबूत करने, पाचन में सुधार लाने, त्वचा और बालों को स्वस्थ बनाए रखने में सहायक होता है। इसके बीजों का पाउडर लीवर के लिए फायदेमंद माना जाता है और इसमें मौजूद आयरन ब्लड को शुद्ध करने में मदद करता है। सुदामा/ईएमएस 01 अप्रैल 2025