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परिवार और समाज की धुरी है नारी- कलेक्टर

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- प्रधानमंत्री द्वारा राष्ट्रीय पोषण मिशन तथा बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ कार्यक्रम के शुभारंभ का दिखाया गया सीधा प्रसारण
- अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर कार्यक्रम आयोजित
रायसेन (ईएमएस)। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर स्वामी विवेकानंद शासकीय महाविद्यालय रायसेन में आयोजित कार्यक्रम में कलेक्टर श्रीमती भावना वालिम्बे ने अंतराष्ट्रीय महिला दिवस पर शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हमें अपनी संस्कृति पर गर्व होना चाहिए। हमारी संस्कृति में महिलाओं को देवीतुल्य मानकर सम्मानित किया गया है। महिलाएं भी स्वयं के महिला होने पर गर्व महसूस करें। कार्यक्रम स्थल पर झुनझुनू राजस्थान से प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा राष्ट्रीय पोषण मिशन तथा बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ कार्यक्रम के शुभारंभ तथा मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान के संबोधन का सीधा प्रसारण भी दिखाया गया। 
कलेक्टर श्रीमती वालिम्बे ने कहा कि महिला के बिना सृष्टि की कल्पना करना संभव नहीं है। महिला परिवार और समाज की धुरी है। हमारी संस्कृति महिलाओं को बढ़ावा देती है। उन्होंने कहा कि महिलाओं को अपने महत्व को समझना चाहिए और प्रत्येक क्षेत्र में आगे आना चाहिए। उन्होंने कहा कि महिलाओं के सर्वांगीण विकास के लिए सरकार द्वारा अनेक योजनाएं चलाई जा रही हैं। महिलाओं को भी स्वयं आगे आकर इन योजनाओं का लाभ लेना चाहिए। उन्होंने लाड़ली लक्ष्मी योजना, स्वागत लक्ष्मी योजना, मुख्यमंत्री महिला सशक्तिरण योजना, लाडो अभियान, शौर्या दल तथा ऊषा किरण योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश में महिला सशक्तिकरण के लिए अनेक योजनाएं तथा कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। कार्यक्रम में महिला बाल विकास अधिकारी श्री एसपी त्रिपाठी, सीएमएचओ डॉ शशि ठाकुर तथा स्वामी विवेकानंद शासकीय महाविद्यालय की प्राचार्य श्रीमती इशरत खान ने भी संबोधित किया। 
 
इन महिलाओं को किया गया सम्मानित
कार्यक्रम में स्वास्थ्य तथा शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को कलेक्टर श्रीमती भावना वालिम्बे द्वारा सम्मानित किया गया। जिन महिलाओं को सम्मानित किया गया उनमें श्रीमती सुधा अग्निहोत्री, श्रीमती धनदेवी शाक्या, श्रीमती वसीम सुल्तान, श्रीमती जानकी विश्वकर्मा तथा सुश्री पवित्रा शर्मा शामिल हैं।
 
राष्ट्रीय पोषण मिशन
राष्ट्रीय पोषण मिशन ठिगनेपन, अल्प पोषाहार, रक्त की कमी तथा जन्म के समय बच्चे के वजन कम होने के स्तर में कमी के उपाय करेगा। इससे बेहतर निगरानी समय पर कार्यवाही के लिए सावधानी जारी करने में तालमेल बिठाने तथा निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए मंत्रालय और राज्यों/संघ शासित क्षेत्रों को कार्य करने, मार्गदर्शन एवं निगरानी करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। 
उल्लेखनीय है कि छह वर्ष से कम आयु के बच्चों और महिलाओं के बीच कुपोषण के मामले से निपटने के लिए सरकार ने कई स्कीमें लागू की हैं। इन योजनाओं के बावजूद देश में कुपोषण तथा संबंधित समस्याओं का स्तर ऊंचा है। योजनाओं की कोई कमी नहीं है किंतु आम लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए योजनाओं को एक-दूसरे के साथ तालमेल स्थापित करने में कमी देखने में आई है। एनएनएम सुदृढ़ व्यवस्था स्थापित करके वांछित तालमेल को कायम करेगा।
ईएमएस/ 08 मार्च 2018
 
Admin | Mar 08, 2018 16:58 PM IST
 

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