भारतीय पब्लिक सर्च इंजन

ई-सेवा (Links)

(राज काज) भ्रष्टाचार पर या विपक्ष पर प्रहार

img
आईएनएक्स मीडिया मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार पूर्व वित्तमंत्री पी. चिदंबरम के बेटे कार्ति चिदंबरम को सीबीआई यानी केंद्रीय जांच ब्यूरो ने हिरासत में लिया और जैसे ही पूछताछ शुरु की राजनीतिक तूफान उठ गया। बेटे की गिरफ्तारी के बाद पिता पी. चिदंबरम विदेश दौरा स्थगित कर स्वदेश लौटे। इसी के साथ विपक्ष ने कहा कि केंद्र सरकार का यह बार भ्रष्टाचार पर नहीं बल्कि विपक्ष पर हो रहा है। इसके तहत मोदी सरकार किसी न किसी तरह विपक्ष को पूरी तरह खत्म करने में लगी हुई है। इससे पहले अनेक नेता व विचारक कह चुके हैं कि कांग्रेस मुक्त देश का सपना लेकर सत्ता में काबिज भाजपा विपक्ष को बर्दाश्त नहीं कर पा रही है। इस कारण तरह-तरह के आरोप लगाए जा रहे हैं और बिना जांच-परख के नेताओं उनके परिजनों को जेल भेजा जा रहा है। 
 
रेणुका पर भारी पड़ती हंसी
कांग्रेस सांसद रेणुका चौधरी को हंसने की आदत के कारण परेशानी हो सकती है। दरअसल संसद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण के दौरान कांग्रेस सांसद रेणुका चौधरी के हंसने पर विवाद हो गया था जो कि अभी तक थमा नहीं है, लेकिन उनका एक और हंसी-कांड सामने आ गया। खबरों के मुताबिक रेणुका चौधरी की हंसी राहुल गांधी की बैठक में सुनाई दी, तो सभी चकित रह गए। खास बात यह है कि राहुल जहां पार्टी की हार पर चर्चा कर रहे थे वहीं रेणुका ठहाके लगा रहीं थीं। दरअसल बैठक में मौजूद नेताओं व पदाधिकारियों से राहुल कह रहे थे कि पार्टी अभी खराब दौर से गुजर रही है अत: सभी नेताओं को अपना बेस्ट देना होगा। राहुल यह कह ही रहे थे कि बैठक में मौजूद रेणुका चौधरी जोर-जोर से हंसने लगीं, जिसे देख सभी हैरान रह गए। अब विरोधी कह रहे हैं कि ऐसा न हो कि रेणुका के खिलाफ कोई सख्त कार्रवाई हो जाए और तब लोग उन्हें देख-देख के हंसते नजर आएं।   
 
घोटाले की गरीब कर्मचारियों पर मार 
जो लोग यह समझ रहे थे कि घोटालेबाजों पर तो कार्रवाई होगी, लेकिन उनसे जुड़े गरीब कर्मचारियों को कोई परेशानी नहीं होगी, तो उन्हें बतलाते चलें कि पीएनबी के 11400 करोड़ रुपये के घोटाले में फंसे नीरव मोदी और मेहुल चोकसी की कंपनियों के करीब 4000 कर्मचारी सड़क पर आ गए हैं। इन दोनों से संबंधित शोरूम सील कर दिए गए हैं और इन्हें फरवरी माह का वेतन भी नहीं मिला है। इससे इन कर्मचारियों की इस बार की होली बेरंग हो गई। इस प्रकार अब इन घोटालेबाजों की करतूतों का असर गरीब परिवारों तक देखने को मिल रहा है, जिसकी सुध लिए जाने की मांग भी समाजिक कार्यकर्ता करते देखे जा रहे हैं। सवाल यही है कि ऐसे मामलों में शासन-प्रशासन आखिर गरीब को सामने रखकर कार्रवाई क्यों नहीं करता है? 
 
एक शख्स और दो देशों में कटुता 
कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो की भारत यात्रा के दौरान खालिस्तानी आतंकी जसपाल अटवाल की मौजूदगी को लेकर विवाद खड़ा हो गया था। इस पर जस्टिन ट्रूडो ने अपने सरकारी अधिकारियों का बचाव करते हुए दलील दी, जिसे भारत सरकार की तरफ से खारिज कर कर दी गई। इसके साथ ही एक बार फिर से भारत और कनाडा के बीच संबंधों में कटुता देखने को मिल रही है। जहां तक अटवाल का सवाल है तो वह इंटरनेशन सिख यूथ फेडरेशन का सदस्य था जिस पर अब प्रतिबंध लगा दिया गया है। यही नहीं बल्कि जसपाल को पंजाब के तत्कालीन कैबिनेट मंत्री मल्कियत सिंह सिद्धू की वैनकुवर द्वीप में साल 1986 में हत्या करने के जुर्म में 20 साल कड़ी कैद की सज़ा सुनाई गई थी। जानकार कहते हैं कि एक शख्स को केंद्र में रखकर दो देशों के सबंधों में कटुता लाना नासमझी नहीं तो और क्या है। 
03मार्च/ईएमएस
Admin | Mar 03, 2018 12:31 PM IST
 

Comments