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काटरून चैनलों पर जंक फूड विज्ञापन नहीं

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नई दिल्ली (ईएमएस)। बच्चों पर जंक फूड के बढ़ते बुरे प्रभावों को देखते हुए नौ बड़ी कंपनियों के साथ महत्वसहमति बनी है। इसके तहत काटरून चैनलों पर अब जंक फूड के विज्ञापन नहीं दिखाए जाएंगे। सूचना एवं प्रसारण राज्य मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने गुरुवार को लोकसभा में बताया कि फूड एंड बेवरेज अलायंस ऑफ इंडिया ने बच्चों को ध्यान में रखते हुए कुछ जंक फूड से जुड़े विज्ञापनों को स्वेच्छा से नहीं दिखाने का फैसला किया है। इसके तहत नौ जानी-मानी फूड कंपनियों ने विज्ञापन नहीं देने का वादा किया है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भ्रामक विज्ञापनों के प्रसारण के संदर्भ में भारतीय खाद्य सुरक्षा मानक प्राधिकरण (एफएसएसआई) ने 11 सदस्यीय समिति गठित की थी और इस समिति ने अपनी रिपोर्ट दी जिस पर अब अमल हो रहा है। रिपोर्ट के तहत ही एफएसएसआई और भारतीय विज्ञापन मानक परिषद के बीच भी समझौता हुआ है। हालांकि सरकार ने साफ कहा है कि टीवी पर जंक फूड के विज्ञापनों पर बैन का कोई प्रस्ताव नहीं है। सरकार के मुताबिक हंिदूुस्तान यूनीलीवर, नेस्ले, कोका-कोला समेत नौ फूड और बेवरेज कंपनियों ने विज्ञापन नहीं दिखाने का फैसला किया है। इसके तहत काटरून चैनलों पर कैंडी, चॉकलेट, हेल्थ ¨ड्रक्स, बर्गर, पिज्जा जैसे विज्ञापन नहीं दिखाए जाएंगे।कई चैनलों पर असरजंक फूड के विज्ञापन पर रोक से कई काटरून चैनलों की कमाई पर असर पड़ेगा। इसमें पोगो और निकलोडियोन का नाम प्रमुख है। काटरून चैनलों की ज्यादा कमाई बच्चों से जुड़े विज्ञापनों से ही होती है, इसमें चॉकलेट, बिस्कुट आदि के विज्ञापन शामिल होते हैं।
झा /देवेंद्र/नई दिल्ली/ईएमएस/०९ /फरवरी/२०१८ 
 
Admin | Feb 09, 2018 13:27 PM IST
 

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