क्षेत्रीय

दमोह

Posted by Divyansh Joshi on

दमोह जिले के हटा सिविल अस्पताल का हाल बेहाल है आये दिन सुर्खियों में रहने वाले हटा के सिविल अस्पताल में गड़बड़ियां थमने का नाम नही ले रही,आज हटा के सिविल अस्पताल में हुए नशबंदी शिविर में एक बार फिर आपरेशन कराने आई महिलाओं को स्ट्रेचर नसीब नही हुआ, आपरेशन थियेटर से इनके परिजन महिलाओं को हाथो पर झुलाते हुए वार्डो में पलँग तक ले गए,अस्पताल की लापरबाही यंही खत्म नही होती, यँहा के बच्चा वार्डो में दिन भर आवारा कुत्तों और पिल्लों का डेरा रहता है जो मरीजो के पलँग के नीचे उथल कूद करते कभी भी देखे जाते हैं मगर कर्मचारियों को इतनी फुर्सत नहीं की इन आवारा जानवरो को भगा सकें।
इस सम्बंध में जब हमने बीएमओ डॉ पीडी करगेया से बात की तो उन्होंने अब तक के सभी 22 शिविरों में इस प्रकार लापरवाही को मरीज महिलाओं के पति द्वारा जबरन हाथो पर लाने की सफाई दी, यही नही आवारा जानवरो की बात भी हंस कर टाल दी बता दे कि हटा का सिविल अस्पताल में गंभीर अनियमितताये बरती जा रही हैं पिछले दिनों आशा कार्यकर्ताओं ने पैसे देकर नियुक्ति ओर मानदेय न मिलने पर बबाल किया था अस्पताल कर्मचारियों की नामजद शिकायत के बाबजूद यँहा bmo द्वारा कोइ कार्यवाही नही की गई।