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मेडिकल कॉलेज का भर्ती घोटाला - अपात्रों को लेनदेन कर किया भर्ती

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शिवपुरी मेडिकल कॉलेज में नर्सिंग स्टाफ व अन्य पदों के लिए भर्ती में हुए घोटाले को अब यहां के प्रशासनिक अधिकारी दबाने में लग गए हैं। इस कॉलेज में हुए भर्ती घोटाले का मामला मप्र विधानसभा में पूर्व में ही उठ चुका है। पिछोर से कांग्रेस विधायक केपी सिंह ने इस मामले को विधानसभा में उठाया था और इसकी जांच के लिए समिति भी बनाई गई है लेकिन अब इस भर्ती घोटाले से संबंधित दस्तावेजों को कॉलेज से गायब किया जा रहा है। इस मेडिकल कॉलेज में कई अपात्रों की भर्ती नियमविरूद्ध तरीके से की गई है। कॉलेज में नर्सिग व तृतीय श्रेणी के विभिन्न पदों के लिए भर्ती के दौरान जो अनुभव प्रमाण-पत्रों के आधार पर मेरिट सूची बनाई गई है। वह सूची विवादों में है। अब ऐसे अपात्रों के दस्तावेज जब सूचना के अधिकार के तहत मांगे जा रहे है तो उन्हें आरटीआई के तहत यह जानकारी मेडिकल कॉलेज की डीन ईला गुजरिया सहित अन्य अधिकारी नहीं दे रहे हैं। ऐसा ही एक मामला लैब अटेंडर के लिए हुई भर्ती में भी सामने आया है। यहां पर कई अपात्रों आवेदकों को फर्जी अनुभव प्रमाण पत्रों के आधार पर सूची में शामिल कर लिया गया है। जब इनके दस्तावेज आरटीआई के तहत मांगे जा रहे थे तो यह दस्तावेज देने में आनाकानी कॉलेज प्रबंधन कर रहा है। एक आवेदक आयुषी सिंघल ने अपना चयन न होने पर दूसरे चयनित आवदेकों के दस्तावेज आरटीआई के तहत मांगे तो यह दस्तावेज कॉलेज प्रबंधन नहीं दे रहा है। आयुषी सिंघल के परिजन संजू सिंघल ने बताया कि उन्होंने दो आरटीआई लगाई हैं लेकिन एक माह निकलने के बाद भी यह जानकारी नहीं दी गई। जब वह कॉलेज की डीन से मिलने गए तो उन्होंने जानकारी देने से इंकार कर दिया। वहीं दूसरी ओर पत्रकार अजय खेमरिया ने बताया कि इस मेडिकल कॉलेज में बड़े स्तर पर अपात्रों की फर्जी दस्तावेजों के आधार पर विभिन्न पदों के लिए भर्ती की गई है और इसमें कॉलेज की डीन से लेकर बड़े-बड़े प्रशासनिक अधिकारी शामिल हैं। उन्होंने इस भर्ती को जल्द से जल्द निरस्त कर पुन- सही तरीके से भर्ती प्रक्रिया कराने की मांग की है।