क्षेत्रीय

पूर्वान्चल सत्याग्रह संवाद में महात्मा गांधी की भूमिका पर विमर्श

06/10/2019

महात्मा गांधी हाड़ मांस का पुतला नहीं, वे विचार बन चुके हैं
बस्ती (ईएमएस)। महात्मा गांधी की आलोचना करना जितना आसान है, उनके जैसा बन पाना उतना ही कठिन। सत्य, अहिंसा को ध्येय मानकर बापू ने भारत के जन-जन को अंग्रेजी हुकूमत के विरूद्ध खड़ा किया और देश को आजादी मिली। यह विचार गांधी चिन्तक डा. अजय उपाध्याय ने व्यक्त किया। वे रविवार को आह्वान इण्डिया द्वारा ब्लाक रोड स्थित एक मैरेज हाल के सभागार में आयोजित ‘पूर्वान्चल सत्याग्रह संवाद’ को मुख्य अतिथि के रूप में सम्बोधित कर रहे थे।
कहा कि महात्मा गांधी हाड़ मांस का पुतला नहीं, वे विचार बन चुके हैं और दुनियां इस बात को लेकर आश्चर्यचकित है कि भारत में एक ऐसे सपूत का जन्म हुआ जिन्होने सत्य और सत्याग्रह के आधार पर अंग्रेजों को भारत छोड़ने पर बाध्य कर दिया। बापू की आलोचना करने वाले सबसे पहले देश के लिये कुछ करके दिखाये। डा. अजय उपाध्याय ने आयोजक अमर पाल सिंह के पहल की सराहना करते हुये कहा कि आज देश जिस रास्ते पर जा रहा है ऐसे में हमें बापू के विचारों से ही प्रेरणा लेनी होगी।
‘पूर्वान्चल सत्याग्रह संवाद’ को मुख्य रूप से प्रेमशंकर द्विवेदी, राजेन्द्रनाथ तिवारी, राना दिनेश प्रताप सिंह, राजेश सिंह, संध्या दीक्षित आदि ने महात्मा गांधी से जुड़े अनेक प्रेरक प्रसंग उठाये। कहा कि यदि विश्व को शांति, प्रेम, सद्भाव की ओर आगे बढना है तो महात्मा गांधी को अंगीकार करना होगा।
कार्यक्रम के दूसरे सत्र में वैष्णव धुन पर पूर्वान्चल के कलाकारों ने बापू पर केन्द्रित अनेक प्रभावशाली कार्यक्रम प्रस्तुत कर मन मोह लिया। आयोजक अमर पाल सिंह ने आगन्तुकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुये कहा कि ऐसे आयोजनों से ही देश को वैचारिक दरिद्रता से बचाया जा सकता है। विचार सशक्त रहंेगे तो सभी समस्याओं का एक-एक कर हल निकलेगा ही।
पूर्वान्चल सत्याग्रह संवाद कार्यक्रम में मुख्य रूप से कौशल कुमार त्रिपाठी, रजनीश पासवान, रायअंकुरम श्रीवास्तव, राजेश चित्रगुप्त, मनोज सिंह, अविनाश श्रीवास्तव, रफीक अहमद, आदित्य सिंह ‘छोटू’ राहुल सिंह, राम अनुज पाल, रामकृष्ण पाल, महेन्द्र यदुवंश, दीपक यदुवंश, अश्विनी गौतम, के साथ ही विभिन्न राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनो के लोग शामिल रहे।
प्रवीण/06/2019