राष्ट्रीय

एचडब्ल्यूसी में पिछले 5 महीनों में 8.8 करोड़ लोगों ने कराए उपचार

11/07/2020


नई दिल्ली (ईएमएस)। स्वास्थ्य एवं तंदुरुस्ती केंद्र (एचडब्ल्यूसी) आयुष्मान भारत योजना का प्राथमिक स्तंभ है,जिसमें 2022 तक मौजूदा 1,50,000 उप स्वास्थ्य केंद्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को एचडब्ल्यूसी में बदलकर सर्व-जन और व्यापक प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल सेवा प्रदान करने के प्रावधान की परिकल्पना की गई है।
कोविड-19 के खिलाफ जारी संघर्ष में एबी-एचडब्ल्यूसी द्वारा किए जा रहे असाधारण योगदान के कई उदाहरण हैं। झारखंड में, पूरे राज्य में गहन सार्वजनिक स्वास्थ्य सर्वेक्षण सप्ताह के हिस्से के रूप में,एचडब्ल्यूसी की टीमों ने इन्फ्लुएंजा जैसी बीमारी (आईएलआई)और गंभीर तीव्र श्वसन बीमारी (एसएआरआई) के लक्षणों के लिए लोगों की जांच की और कोविड-19 के लिए परीक्षण की सुविधा प्रदान की। ओडिशा के सुबाल्या में एचडब्ल्यूसी की टीम ने स्वास्थ्य जांच का आयोजन किया और लोगों को कोविड​​-19 से बचने के लिए साबुन और पानी से लगातार हाथ धोने,सार्वजनिक स्थानों के लिए घर से बाहर निकलते समय मास्क/फेस कवर पहनने,लोगों के साथ बातचीत करने के दौरान पर्याप्त शारीरिक दूरी बनाए रखने आदि जैसे निवारक उपायों के बारे में जागरूक किया। उन्होंने क्वारंटाइन केंद्रों के रूप में काम कर रहे अस्थायी चिकित्सा शिविरों में प्रवासियों के लिए स्वास्थ्य सत्र आयोजित किए। राजस्थान के ग्रांधी में एचडब्ल्यूसी टीम ने बीकानेर-जोधपुर सीमा चेक पोस्ट पर सभी यात्रियों की कोविड -19 की जांच में स्थानीय जिला प्रशासन की मदद की। मेघालय में एचडब्ल्यूसी की टिनरिंग टीम ने कोविड-19 के सामुदायिक प्रसार को रोकने के लिए समाज के प्रभावी लोगों और स्कूल शिक्षकों के लिए निवारक उपायों पर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया।
स्वास्थ्य एवं तंदुरुस्ती केंद्र (एचडब्ल्यूसी) जिन समुदायों के बीच काम करते हैं, उनमें बुनियादी कार्य की गवाही के रूप मेंइस वर्ष 1फरवरी से अगले पांच महीनों के दौरान एचडब्ल्यूसी पर 8.8करोड़ लोगों का उपचार कराना दर्ज है। यह 14 अप्रैल,2018से 31जनवरी,2020 तक 21महीनों में दर्ज किए गए कुल मामलों की संख्या के लगभग बराबर है जबकि एक फरवरी के बाद के पांच महीनों के बीच लॉकडाउन अवधि के दौरान लोगों की आवाजाही पर प्रतिबंध लगा था। इसके अलावा, पिछले पांच महीनों में इन स्वास्थ्य एवं तंदुरुस्ती केंद्रों परउच्च रक्तचाप के लिए 1.41करोड़ लोगों की, मधुमेह के लिए 1.13करोड़ लोगों की और मौखिक,स्तन या गरदन संबंधी कैंसर के लिए 1.34करोड़ लोगों की जांच की गई। कोविड-19की चुनौतियों के बावजूद, सिर्फ़ जून के महीने में उच्च रक्तचाप के लगभग 5.62 लाख रोगियों और मधुमेह के 3.77लाख रोगियों को एचडब्ल्यूसी पर दवाइयों का वितरण किया गया। कोविड-19के प्रकोप के बाद की अवधि में एचडब्ल्यूसी में अब तक 6.53 लाख योग और स्वास्थ्य सत्र आयोजित किए हैं।
संदीप सिंह/देवेंद्र/ईएमएस/नई दिल्ली/11/जुलाई/2020