ट्रेंडिंग

रूस के राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन ने परमाणु युद्ध छेड़ने की धमकी दी

21/09/2022

मास्को (ईएमएस)। रूस के राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन ने परमाणु युद्ध छेड़ने की धमकी दी है। पुतिन ने अपने भाषण में आरोप लगाया कि पश्चिम रूस को कमजोर करने, विभाजित करने और अंततः नष्ट करने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने कहा 'वे अब खुलेआम कह रहे हैं कि 1991 में वे सोवियत संघ को विभाजित करने में सफल रहे और अब रूस के साथ भी ऐसा ही करने का समय आ गया है जिसे कई क्षेत्रों में विभाजित किया जाना चाहिए...''
उन्होंने यूक्रेन सरकार पर भाड़े के विदेशी सैनिकों और राष्ट्रवादियों, ‘नाटो' मानकों के अनुसार प्रशिक्षित सैन्य इकाइयों को लाने और पश्चिमी सलाहकारों से आदेश लेने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि आज रूसी सैनिक 1,000 किलोमीटर से अधिक लंबी सीमा रेखा पर लड़ रहे हैं और वे न केवल नव-नाजी इकाइयों के खिलाफ बल्कि पश्चिम की पूरी सैन्य मशीनरी के खिलाफ लड़ रहे हैं।
पुतिन का यह बयान न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के सत्र के मध्य आया है जिसमें रूस को जनमत संग्रह योजना को लेकर चेतावनी दी गई है।
रूसी राष्ट्रपति ने पश्चिमी देशों पर ‘‘परमाणु ब्लैकमेलिंग'' करने का आरोप लगाया, साथ ही ‘‘रूस के खिलाफ जनसंहार के परमाणु हथियारों के इस्तेमाल की संभावना संबंधी नाटो देशों के शीर्ष प्रतिनिधियों के बयानों'' का भी जिक्र किया।
पुतिन ने कहा, ‘‘ जो रूस के संबंध में इस प्रकार के बयान देते हैं मैं उन्हें यह याद दिलाना चाहता हूं कि हमारे देश में भी तबाही के अनेक साधन हैं जो नाटो देशों से अधिक आधुनिक हैं। जब हमारे देश की क्षेत्रीय अखंडता के लिए खतरा पैदा किया जाएगा तो रूस की और अपने लोगों की रक्षा के लिए हम हमारे पास मौजूद सभी साधनों का इस्तेमाल करेंगे।''
पुतिन ने कहा, ‘‘हम केवल आंशिक तैनाती की बात कर रहे हैं, ऐसे नागरिक जो रिजर्व में हैं उनकी अनिवार्य तैनाती की जाएगी। उनमें भी सबसे पहले जो सशस्त्र बलों में सेवाएं दे चुके हैं उनके पास अनुभव है और दक्षता है, वह आएंगे।''
पुतिन ने कहा, ‘‘जिन खतरों का सामना हम कर रहे हैं, उनसे हमारे देश, उसकी संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा करने के लिए आंशिक तैनाती का निर्णय सर्वथा उचित है।''
इससे पहले दिन में यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने रूस के कब्जे में आए यूक्रेन के पूर्वी और दक्षिणी हिस्से में जनमत संग्रह कराने की योजना को ‘‘कोरी बकवास'' बताते हुए खारिज कर दिया। साथ ही उन्होंने शुक्रवार से शुरू होने जा रही इस कवायद की निंदा करने के लिए यूक्रेन के सहयोगियों का आभार व्यक्त किया।
यूक्रेन के साथ करीब सात माह से जारी युद्ध में मिले झटके बाद रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अपने देश में जवानों की आंशिक तैनाती की घोषणा की थी और कहा था कि यह उपाय आवश्यक है क्योंकि रूस 'पूरी पश्चिमी सैन्य मशीन' से लड़ रहा है।
अधिकारियों ने बताया कि 3 लाख ‘रिजर्विस्ट' (आरक्षित सैनिक) की आंशिक तैनाती की योजना बनाई गई है।
पुतिन ने टेलीविजन के जरिए देश को संबोधित करते हुए चेतावनी भरे लहजे में पश्चिम से कहा कि रूस अपने क्षेत्र की रक्षा के लिए हर संभव कदम उठाएगा और ‘‘यह कोरी बयानबाजी'' नहीं है। राष्ट्रपति ने कहा कि उन्होंने आदेश पर हस्ताक्षर कर दिए हैं और यह प्रक्रिया बुधवार से प्रारंभ होगी।
रिजर्विस्ट ऐसा व्यक्ति होता है जो ‘मिलिट्री रिजर्व फोर्स' का सदस्य होता है। यह आम नागरिक होता है जिसे सैन्य प्रशिक्षण दिया जाता है तथा जरूरत पड़ने पर इसे कहीं भी तैनात किया जा सकता है। पुतिन ने कहा कि विस्तारित सीमा रेखा, यूक्रेन की सेना द्वारा रूसी सीमावर्ती क्षेत्रों में लगातार गोलाबारी और मुक्त कराए गए क्षेत्रों पर हमलों के लिए रिजर्व से सैनिकों को बुलाना आवश्यक था।
उनके इस संबोधन के ठीक एक दिन पहले दक्षिणी और पूर्वी यूक्रेन के रूस के कब्जे वाले क्षेत्रों ने घोषणा की कि वे रूस का अभिन्न अंग बनने के लिये 23 से 27 सितंबर के बीच जनमत संग्रह कराएंगे।
सुबोध\२१\०९\२०२२