क्षेत्रीय

महिन्द्रा एक्समार्ट से दस वाहन पार

15/04/2019

- एक आरोपी पकड़ा गया, दूसरा हो गया फरार
शहडोल (ईएमएस)। पुराने वाहनों की खरीद फरोख्त के लिये महिन्द्रा शोरूम द्वारा बनाई गई कंपनी एक्समार्ट के पुराने और नए करिंदों ने 23 लाख रुपये मूल्य की दस पुरानी गाडिय़ां परिसर से पार कर दी और कंपनी के आकाओं को पता भी नहीं चला। बाद में जब राज खुला तो मन्द्रिा शोरूम के देवेन्द्र सिंह राजपूत ने सोहागपुर थाने में रिपोर्ट लिखाई और पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर कार्यवाही आरंभ कर दी। फिलहाल पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर उसका बयान ले चुकी है जबकि दूसरा मुख्य आरोपी अभी भी पुलिस की पहुंच से बाहर है। सोहागपुर थाना पुलिस ने धारा 406,408 के तहत प्रकरण दर्ज कर विवेचना में लिया है, ऐसा माना जाता है कि अपराध धाराएं बढ़ भी सकती हैं।
मामला 23 लाख का
4 बोलेरो, तीन बजाज ऑटो, एक पिक अप, एक अल्टो के10 एवं एक टाटा एसीपी वाहन पार करने के मामले में पुलिस की गिरफ्त में आए आरोपी पवन शर्मा पिता रामदत्त शर्मा उम्र 32 साल निवासी ग्राम पोरसा तहसील व थाना पोरसा जिला मुरैना हाल मुकाम भगवती मोटर्स जमुई थाना सोहागपुर ने पूछताछ के दौरान पुलिस को बताया की भगवती मोटर्स शहडोल में वह 10 वर्ष से काम करता रहा है। भगवती मोटर्स शहडोल में काम करते हुए एक्समार्ट एग्जीक्यूटिव का काम अगस्त 2018 से शुरू किया। एक्समार्ट भगवती मोटर्स की एजेंसी है जिसका काम पुरानी गाड़ी एक्सचेंज करने, खरीदी-बिक्री करने का है। एक्समार्ट में ग्राहक की सहमति से पुरानी गाड़ी लेकर उस की कीमत नई गाड़ी से कम कर दी जाती है और सही ग्राहक मिलने पर पुरानी गाड़ी को दूसरे ग्राहक को भेज दिया जाता है। आरोपी ने बताया कि मेरा काम पुरानी गाडिय़ों को ग्राहक को दिखाना और डील फाइनल होने पर गाड़ी की कीमत भगवती मोटर्स को मिलने पर उस गाड़ी का गेट पास तैयार कर ग्राहक को गाड़ी की डिलीवरी करना था। उसके पहले अरविंद विश्वकर्मा निवासी शहडोल एक्समार्ट एक्सक्यूटिव का कार्य करता था जो जुलाई 2018 से बीमारी का बहाना बनाकर नियमित रूप से नहीं आता था तो यह कार्य अगस्त माह से उसे दे दिया गया। उसने चार्ज लेने के बाद गाडयि़ों का स्टाक चेक किया तो बुलेरो एमपी टी 2809, बोलेरो एमपी 18 सी 5837, बोलेरो एमपी 65टी 0 302, बोलेरो पिकप एमपी 18जीए 4273, बोलेरो एसएलई एमपी 65 टी 0394 नहीं थी। उसने अरविंद से पूछा तो अरविंद ने गाडिय़ां बिक जाना और पैसा उसके पास होना बताया, साथ ही कुछ समय में पैसा कंपनी में जमा करने की बात कही और यह बात किसी को न बताने के लिए उसने10हजार रुपये भी दिए जो खर्च हो गए।
कारोबारी साजिश
पवन शर्मा ने बताया कि अरविंद ने उसे यह योजना बताईं कि उसका कार बाजार नाम से दुकान है, जहां से पुरानी गाडिय़ों को बेचने का काम करता है । उसके पास अभी पैसा नहीं है अगर वह साथ देगा तो एक्समार्ट की पुरानी गाडिय़ों से अपना व्यापार कर सकते हैं क्योंकि एक्समार्ट में गाडिय़ां कटिंग रेट में बेचने का नियम है यदि कार बाजार से गाड़ी बेचेंगे तो एक्स्ट्रा पैसा मिलेगा जिससे दोनों बराबर बराबर बांट लेंगे और एक्समार्ट की पुरानी गाड़ी की कीमत को भगवती मोटर्स में जमा कर देंगे। पवन ने बताया कि लालच में आकर उसने अरविंद की इस योजना से सहमति जताई और अपने ग्राहकों को भगवती एक्समार्ट में ही गाड़ी दिखाता था ग्राहकों को फर्जी रेट लिस्ट दिखाकर गाड़ी का रेट फाइनल करते थे और रेट फाइनल होने पर पैसे का पेमेंट कार बाजार के अकाउंट में आता था। अरविंद ने उसके समय में जो गाड़ी बेची उसके एवज में 50हजार रुपये अभी तक दिया है जो खर्च हो गए शेष राशि अभी नहीं आया है उसके द्वारा अभी तक बेची गई गाडिय़ों की कीमत भी भगवती मोटर्स में जमा नहीं कराई गई है।
पवन शर्मा ने बताया कि भगवती मोटर्स के मैनेजर देवेंद्र यादव दिनांक 13 अप्रैल 18 को जब स्टाक चेक किया तो हमारी चोरी पकड़ी गई। मैंने और अरविंद विश्वकर्मा ने मिलकर एक्समार्ट की कई पुरानी गाडि़य़ों को कार बाजार के माध्यम से बेचो हैं जिसका पेमेंट अरविंद के पास आया है।
प्रवीण/15/04/2019