ज़रा हटके

बच्चों को जगाने में फायर अलार्म की जगह मां की आवाज जरुरी

07/10/2019

न्यूर्याक(ईएमएस)। कोलंबस, ओहियो के नेशनवाइड चिल्ड्रेन्स हॉस्पिटल के शोधकर्ताओं ने यह पता लगाने की कोशिश की कि क्या मां की आवाज की रिकॉर्डिंग बच्चों को जगाने में फायर अलार्म से ज्यादा प्रभावी होती है। फायर अलर्ट के दौरान बच्चों को जगाने में फायर अलार्म से ज्यादा प्रभावी मां की आवाज होती है। टीम ने पांच से 12 साल के 176 बच्चों पर यह प्रयोग किया। उन्होंने स्टडी में मां की आवाज में तीन अलार्म रखे साथ में एक स्टैंडर्ड स्मोक अलार्म भी रखा। जिसमें सोते हुए बच्चों में हाई-पिच अलार्म के मुकाबले मां की आवाज से जागने की संभावना ज्यादा देखी गई। इसके साथ रिसर्च में यह भी सामने आया कि जो बच्चे अपनी मां की आवाज से उठे थे वे बेडरूम से 18 से 28 सेकेंड में भाग निकले वहीं स्मोक अलार्म से उठे बच्चों को बाहर निकलने में 5 मिनट लग गए। इसके अलावा हॉस्पिटल के डायरेक्टर मार्क ने कहा ‎कि "देखा गया है कि बच्चे सोते वक्त किसी भी साउंड से जगने के प्रतिरोधी होते हैं।" स्टडी में शोधकर्ताओं ने यह भी पता लगाने की कोशिश की कि क्या अलार्म में बच्चों का नाम भी शामिल किया जाए तो इससे उनके उठने में कोई फर्क पड़ता है या नहीं। लेकिन यह पता चला कि नाम शामिल करने से कोई खास फर्क नहीं पड़ता। इसके बाद स्टडी के लीड ऑथर डॉक्टर गैरी स्मिथ ने बताया, "इसका यह मतलब है कि घर पर एक-दूसरे के पास सो रहे कई बच्चों पर एक अलार्म काम कर सकता है।"
ज्योति/ईएमएस 07 अक्टूबर 2019