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सामाजिक दूरी के नियम के साथ इस बार मनेगी आजादी की वर्षगांठ

11/07/2020


-लाल किले पर आम लोग नहीं, बस 1500 कोरोना योद्धा होंगे
नई दिल्ली (ईएमएस)। देश की आजादी के उत्सव को राजधानी दिल्ली के लाल किले पर धूमधाम से मनाने की परंपरा रही है। पर इस बार कोरोना महामारी के चलते समारोह सामाजिक दूरी के साथ एकदम अलग अंदाज में मनाया जाएगा। वहीं, सबसे बड़ा सरप्राइज होगा- कोरोना से जंग में फ्रंटलाइन वॉरियर्स के अलावा ऐसे कुछ लोगों को कार्यक्रम में बुलाया जाना जो इस बीमारी से जंग जीतकर ठीक हुए हों। करीब 1500 कोरोना वॉरियर्स और ठीक हो चुके लोगों की मौजूदगी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित कर सकते हैं। लाल किले पर 15 अगस्त की तैयारियों से जुड़े सूत्रों ने यह जानकारी देते हुए बताया कि कोरोना वायरस के खतरे को देखते हुए इस बार काफी कुछ बदला-बदला नजर आएगा। ध्वजारोहण, परेड और पीएम का राष्ट्र के नाम संबोधन... ये तीनों पहले की तरह होंगे। सुरक्षा में भी कोई कटौती या फेरबदल नहीं किया जाएगा, बल्कि इस बार यह और मजबूत होगी।
लाल किला मैदान में हर बार करीब 10 हजार लोग इस राष्ट्रीय पर्व का गवाह बनते थे, लेकिन इस बार इनकी जगह करीब 1500 कोरोना वॉरियरों को यहां आमंत्रित किए जाने की बात है। उद्देश्य यह है कि इससे इस महामारी से लड़ाई में इनका मनोबल और उंचा हो सके और कोरोना से जूझ रहे देश को भी इनके जरिए प्रधानमंत्री सकारात्मक संदेश दे सकें। लाल किले की प्राचीर पर प्रधानमंत्री स्टेज के दोनों ओर हर बार 800 चेयर लगाई जाती थीं। इनमें एक ओर 375 और दूसरी ओर 425 चेयर लगती थीं। इन्हें घटाकर इस बार करीब 150 किया जा रहा है। ऊपर जितने भी वीवीआईपी बैठते थे, वे इस बार नीचे ग्राउंड में बैठेंगे। 4200 सामान्य स्कूली बच्चों की जगह करीब 400 एनसीसी कैडेट को बुलाए जाने की बात पता लगी है। यह सब दिल्ली के विभिन्न स्कूलों के होंगे।
विपिन/ ईएमएस/ 11 जुलाई 2020