ज़रा हटके

आराम न किया तो लिटा देगी दिल की बीमारी: स्टडी

07/10/2019

नई दिल्ली (ईएमएस)। देश में अनिद्रा की समस्या के कारण होने वाली दिल की बीमारी के मामले भी बढ़ रहे हैं। हालां‎कि इस पर विशेषज्ञों ने बताया ‎कि व्य‎‎क्ति को बेहतर नींद की जरूरत होती है। उनके अलावा डॉक्टरों ने बताया ‎कि बेहतर सेहत के लिए नींद बेहद जरूरी है। इस‎लिये नींद न तो अधिक होनी चाहिए, न ही कम। संतुलित नींद लेना न केवल बीमारियों से दूर रखता है बल्कि सकारात्मक ऊर्जा भी देता है। उन्होंने बताया कि 6 घंटे से कम और 9 घंटे से अधिक सोना स्वास्थ्य के लिए अच्छा नहीं है। ‎क्योंकि अनिद्रा का सबसे खराब प्रभाव दिल से जुड़ी बीमारियों से जुड़े मामलों में देखा जा सकता है। इसके बावजूद भी मुंबईकर अपनी नींद से समझौता कर रहे हैं। बताया जा रहा है ‎कि 1500 मुंबईकरों की जीवनशैली का अध्ययन करके ‘वेकफील्ड’ ने पाया कि 81 प्रतिशत मुंबईकरों को अनिद्रा की शिकायत है। इसके अलावा ‘सफोला लाइफ’ ने बताया ‎कि इसमें शामिल 400 से अधिक मुंबईकरों के सर्वे में पाया गया कि इसमें से 71 प्रतिशत को जरूरी नींद नहीं मिल पाती है। ‎जिससे ये सभी लोग दिल की बीमारी के मुहाने पर खड़े हैं। ‎जिसमें बताय गया कि नींद आपकी जिंदगी का जायका बिगाड़ रही है। बताया जाता है‎ ‎कि शरीर की ही तरह दिल को भी आराम की बेहद जरूरत होती है। शरीर सोते वक्त आराम करता है, तब भी दिल तो धड़कता रहता है। ले‎किन, जब हम नींद ले रहे होते हैं, तो दिल को भी इससे आराम पहुंचता है।
सामान्य स्थिति में अगर हार्ट रेट 70-80 प्रति मिनट रहता है तो सोते वक्त यही धड़कन की गति घटकर 40-50 हो जाती है। धड़कन घटी तो दिल को आराम करने का मौका मिला। इस बारे में मनोचिकित्सक डॉ. शैलेष उमाटे ने कहा कि मोबाइल अडिक्शन के कारण भी लोगों की नींद प्रभावित हो रही है। नींद के लिए मेलोटोनी नामक केमिकल की जरूरत पड़ती है, शरीर में इसका रिसाव अधिक समय तक जागने से प्रभावित होता है। नींद नहीं आती। बताया जाता है ‎कि मुंबई में तनाव के चलते दिल की बीमारी होने की संभावना 76 प्रतिशत है, वहीं दिल्ली में यह इससे कहीं कम 62 प्रतिशत और हैदराबाद में 56 प्रतिशत ही है। हृदय की बीमारियों के लिए खानपान काफी हद तक जिम्मेदार है। हालां‎कि आजकल स्वाद के चक्कर में खाने में तेल और मसालों का अधिक इस्तेमाल हो रहा है, जिससे हृदय की धमनियों पर दुष्प्रभाव पड़ रहा है। इस‎लिये प्रति व्यक्ति रोजाना खाने में केवल 15 मिलीलीटर तेल का सेवन ही करना चाहिए। बेहतर होगा कि अगर खाने में जैतून तेल, सरसों तेल और सूरजमूखी तेल मिलाकर इस्तेमाल किया जाए।
ज्यो‎ति/ईएमएस 07 अक्टूबर 2019