राज्य समाचार

बढ़ा मच्छरजनित बीमारियों का खतरा

05/07/2022

- स्वास्थ्य विभाग ने जनता से की सावधानी बरतने की अपील
- बढ़ा मलेरिया, चिकनगुनिया, हैजा एवं टाइफाइड का खतरा
भोपाल(ईएमएस)। मानसून की आमद के साथ ही मच्छरों का प्रकोप बढ़ जाता है। वर्षा के मौसम में मच्छरजनित बीमारियां फैलने का खतरा अधिक रहता है। ये बीमारियां खतरनाक साबित हो सकती है। इससे सावधानी बरतने की आवश्यकता है, लापरवाही जानलेवा हो सकती है। स्वास्थ्य विभाग ने आम जनता से मच्छरजनित बीमारियों से बचने की अपील की है।
वर्षा के मौसम में होने वाली बीमरियां जैसे सर्दी, जुखाम, बुखार, मलेरिया, चिकनगुनिया, हैजा एवं टाइफाइड हो सकते हैं। सर्दी, जुकाम, बुखार से बचने के लिए बारिश में ज्यादा देर तक न भीगे, भीगने से बचें, भीगने पर शरीर को साफ-कपड़े से पोंछे और तुरंत कपड़े बदलें। मलेरिया से बचने के लिए घर के आसपास गड्डा न होने दें, अगर गड्डा हो तो उसमें पानी जमा न होने दें। हैजा से बचने के लिए घर के आसपास सफाई रखें, गंदा पानी उपयोग में न लाए, पानी को छानकर या उबालकर उपयोग करें। टाइफाइड खतरनाक बीमारियों में से एक है। यह संक्रमित जल व दूषित भोजन से होता है।
इस बीमारी में तेज बुखार आता है और कई दिनों तक बना रहता है। इस बीमारी का संक्रमण रोगी के पित्ताशय में रहता है। टाइफाइड के मरीज से दूर रहना चाहिए और चिकित्सक से दवा लेना चाहिए। स्वास्थ्य विभाग ने आम जनता से अपील की है कि वर्षा के मौसम में होने वाली बीमारियों से बचाव जरूरी है। अगर बचाव न किया जाए तो ये खतरनाक हो सकती हैं। इसलिए बीमारी होने पर चिकित्सक को अवश्य दिखाएं ताकि रोग की पहचान की जा सके। आरंभिक स्थिति में ही बीमारी की पहचान होने से उपचार आसान हो जाता है। बीमारी गंभीर होने पर कई बार जानलेवा भी हो सकती है। जरूरी है कि हल्के लक्षण भी नजर आएं तो तुरंत डाक्टर से जांच करवाएं और उचित इलाज लें। इस बात का भी ध्यान रखें कि अपनी मर्जी से मेडिकल स्टोर से दवाई न लें, डाक्टर की सलाह से ही दवाई लें।
विनोद / दशरथ / 05 जुलाई 22