राज्य समाचार

भेल यूनियनों ने फिर उठाई नॉन ऑइली फूड देने की मांग

26/03/2019


कैंटीन कमेटी की बैठक में उठाया मुददा
भोपाल (ईएमएस)। राजधानी के बीएचईएल (भेल) कारखाने की कर्मचारी यूनियनों ने एक बार फिर से कर्मचारियों को नाश्ते में नॉन आइली फूड देने की मांग की है। कैंटीन कमेटी की बैठक में तीनों यूनियनों ने एक बार फिर भेल प्रबंधन से नाश्ते की प्लेट में नॉन ऑइली फूड देने की मांग उठाई है। भेल कारखाने में हुई बैठक में इंटक, एबु, बीएमएस यूनियन के ऑइली फूड खाने से कर्मचारियों में मोटापा बढ़ रहा है। नाश्ता खाने के बाद भेल कारखाने में काम करने में आलस आता है। ऐसे में ऑइली फूड चना बड़ा, समोसा, कचौरी, ब्रेड पकौड़ा को हटाकर नॉन ऑइली फूड जैसे उपमा, ढोकला, केला, सेव, पतीता सहित अन्य फल देने की मांगी की है।
साथ ही तीनों यूनियनों के प्रतिनिधियों ने भेल प्रबंधन के अधिकारियों से मांग की है कि जब तक नाश्ता व खाने की थाली बुक करने के लिए ऑनलाइन व्यवस्था में सुधार नहीं हो जाता, तब तक 40 रुपए के कूपन के साथ 10 रुपए का कूपन भी दिया जाए। इसके अलावा कर्मचारियों ने कहा कि नास्ते में मना करने के बाद भी बिस्किट भेजे जा रहे हैं। जल्द ही ब्रेड, बिस्किट देने बंद किए जाएं। आगामी समय में भेल करखाने के किसी भी ब्लॉक से नाश्ते में शिकायत नहीं आने चाहिए।इस बार बैठक में नाश्ते में उपमा देने की भेल प्रबंधन ने भरोसा दिलाया है। नाश्ते में जल्द ही नॉन ऑइली फूड देने पर विचार करने की बात की है। युवा इंटक अध्यक्ष दीपक गुप्ता ने बताया कि कर्मचारी कई दिनों से नाश्ते में नॉन ऑइली फूड देने की मांग भेल प्रबंधन से कर रहे हैं। लेकिन अभी तक नाश्ते के मैन्यू में नॉन ऑइली फूड शामिल नहीं किए गए।
सुदामा नर-वरे/26मार्च2019