क्षेत्रीय

कलेक्टर के निरीक्षण के बाद खुली गेंहू खरीदी केन्द्रों की पोल

18/05/2019

हरपालपुर (ईएमएस)। जिले में चल रहे गेंंहू खरीदी केन्द्रों में गड़बड़ी के समाचारों के प्रकाशन के बाद जिला प्रशासन के मुखिया कलेक्टर मोहित बुंदस जागे और उन्होंने कई खरीदी केन्द्रों का औचक निरीक्षण किया। आज बिना बताए कलेक्टर एफसीआई गोदाम का औचक निरीक्षण किया जिसमें गेंहू खरीदी केन्द्रों में व्यापक पैमाने में की गई गड़बड़ी की शिकायत सही मिलने पर कलेक्टर ने 22 ट्रकों को वापस सहकारी समितियों को भेजा। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार छतरपुर जिले में कई समिति प्रबंधकों ने व्यापारियों से सांठगांठ कर सड़ा गला एवं घुना गेंहू रात के अंधेरे में किसानों के नाम पर तुलवाया जिसमें भारी भ्रष्टाचार किया गया। जिसकी लगातार खबरें प्रकाशित होती रहीं। आखिरकार कलेक्टर के निरीक्षण के बाद यह पोल खुल ही गई। शासन के स्पष्ट निर्देश हैं कि एफएक्यू क्वालिटी का गेंहू खरीदा जाए परंतु समिति प्रबंधकों और खाद्य अधिकारी की सांठगांठ के चलते जिले में व्यापारियों को भरपूर लाभ दिलाया गया। व्यापारियों ने समिति प्रबंधकों से अपनी सेंटिंग जमाकर हजारों क्विंटल गेंहू जो कि घटिया क्वालिटी का था उसे खपा दिया। लेकिन कलेक्टर के इस औचक निरीक्षण के लिए पूरे जिले में हडकंप मचा हुआ है। अपर कलेक्टर प्रेम सिंह चौहान की अगुआई में एक टीम भारतीय खाद्य निगम के गोदाम का औचक निरीक्षण करने आई। टीम ने देखा कि गोदाम में घटिया गेहूं रखा है। इसके अलावा ट्रकों में रखे गेहूं की भी जांच की गई। यहां भी गेहूं अमानक स्तर का पाया गया। एडीएम ने घटिया क्वालिटी के गेहूं को तत्काल वापिस करने के निर्देश देते हुए इसे साफ कराकर लाने की बात कही है। पिपट सहकारी समिति के खरीदी केन्द्र से लाए गए गेहूं में कीड़े, कंकड़, पत्थर और मिट्टी मिली है। सूत्र बताते हैं कि इस पूरे मामले को दबाने के प्रयास भी चल रहे हैं। एडीएम के साथ जिला खाद्य अधिकारी स्वाती जैन, नौगांव तहसीलदार बीपी सिंह, नागरिक आपूर्ति निगम की प्रबंधक पिंकी साहू, वेयर हाउस मैनेजर एके मिश्रा मौजूद रहे। निरीक्षण के बाद उन्होंने कृषि उपज मंडी में चल रहे गेहूं खरीदी केन्द्र का भी निरीक्षण किया।
विनोद अग्रवाल/18/05/2019