अंतरराष्ट्रीय

नेतन्याहू के लिए एग्जिट पोल के नतीजे निराशाजनक, नहीं मिलेगा बहुमत

18/09/2019


येरूशलम (ईएमएस)। इजरायल में प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू का दौर क्या अब खत्म हो गया है? एग्जिट पोल के नतीजों में तो यही बात सामने आ रही है। एग्जिट पोल के नतीजों में आया है कि देश के सबसे ज्यादा समय तक प्रधानमंत्री रहे नेतन्याहू को संसद में बहुमत नहीं मिलेगा। अगर एग्जिट पोल के नतीजे सही साबित हुए तो रेकॉर्ड पांचवीं बार पीएम बनने का उनका सपना चकनाचूर हो सकता है।
अपने चुनाव प्रचार में नेतन्याहू ने पूरी ताकत झोंक दी थी। उन्होंने अपनी विदेश नीति और दुनिया में इजरायल के कद को दिखाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप से मुलाकात की तस्वीरों को भी अपने प्रचार में इस्तेमाल किया था। इस चुनाव को मौजूदा प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के नेतृत्व पर एक जनमत संग्रह के तौर पर देखा जा रहा है। अगर एग्जिट पोल और नतीजों में समानता रहती है, तो किसी को भी बहुमत नहीं मिलने वाला है।
120 सदस्यीय इजरायली संसद में नेतन्याहू के नेतृत्व वाले दक्षिणपंथी गुट को 55-57 सीटें मिल सकती हैं। उधर, नेतन्याहू के मुख्य प्रतिद्वंद्वी बेनी गैंट्ज की ब्लू एंड वाइट पार्टी भी 61 के जादुई आंकड़े से पिछड़ती दिख रही है। ऐसे में संभावना इस बात की बन रही है कि देश में मिलीजुली सरकार बने। इजरायल के इस चुनाव पर भारत में भी काफी दिलचस्पी ली जा रही थी। भारत सरकार को भी उम्मीद होगी कि नेतन्याहू के साथ पीएम मोदी की जो केमिस्ट्री बनी है, वह आगे जारी रहे। दोनों नेताओं की दोस्ती काफी मशहूर है। हाल के सालों में भारत और इजरायल के संबंध काफी मजबूत हुए हैं। नेतन्याहू के चुनाव प्रचार के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी तस्वीरें खूब वायरल हुईं थीं। इजरायल की एक इमारत पर बड़ा बैनर भी लगाया गया था जो दोनों नेताओं के गर्मजोशी भरे संबंध के साथ द्विपक्षीय संबंध को भी दिखा रहा था।
चुनाव प्रचार के दौरान अंतर्राष्ट्रीय छवि प्रदर्शित करने के लिए नेतन्याहू ने कई विदेशी नेताओं के साथ तस्वीरों वाले बैनर लगवाए थे। केंद्रीय चुनाव आयोग के अनुसार इसमें 69.4 फीसदी मतदाताओं ने मताधिकार का प्रयोग किया। इजरायल के नागरिकों ने देश में पांच महीने में ही दूसरी बार हुए आम चुनाव में मंगलवार को वोट डाले। एग्जिट पोल्स से साफ है कि नेतन्याहू की सरकार में विदेश और रक्षा मंत्री रह चुके ए लिबरमैन किंगमेकर बन सकते हैं। उनकी पार्टी वाईबीपी को 8 से 10 सीटें मिल सकती हैं। उन्होंने कहा है कि वह गठबंधन सरकार का समर्थन करेंगे।
अनिरुद्ध, ईएमएस, 18 सितंबर 2019