लेख

हीरों की चमक से दमकता एक कारोबारी का चेहरा (लेखक-अजित वर्मा/ईएमएस)

08/11/2018


गुजरात में सूरत की सबसे बड़ी हीरा कंपनी श्री हरे कृष्णा एक्सपोर्ट के मालिक सावजी ढोलकिया ने इस साल अपने करीब 600 कर्मचारियों को दिवाली बोनस के तौर पर कारें दी हैं। इससे पता चलता है कि हीरे व जेवरात व्यापार में मंदी के बावजूद सूरत के हीरा कारोबारियों पर इसका असर नहीं पड़ा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली में एक समारोह में कंपनी के चार कर्मचारियों को कारों की चाबी सौंपी और बाकी कर्मचारियों को पीएम ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए संबोधित भी किया।
ढोलकिया कह रहे हैं कि इस साल कुल 1500 कर्मचारियों को दिवाली बोनस देने के लिए चुना गया था। कंपनी ने बाकी बचे 900 कर्मचारियों को फिक्सड डिपॉजिट सर्टिफिकेट दिया है। इस बार अपनी गोल्डन जुबली पर कंपनी अपने कर्मचारियों को बोनस देने में करीब 50 करोड़ रु. खर्च कर रही है।
हरे कृष्णा एक्सपोर्ट ने 2011 से अपने कर्मचारियों को दिवाली पर लॉयल्टी देना शुरू किया था। 2011 में कंपनी ने अपने कर्मचारियों को 500 फ्लैट, 525 हीरे के जेवरात दिए थे। 2014 में 200 कर्मचारियों को दिवाली बोनस के तौर पर फ्लैट मिला था।
6000 करोड़ के टर्न-ओवर वाली कंपनी हरे कृष्णा एक्सपोर्ट का दुनिया के 71 देशों में हीरे का कारोबार फैला हुआ है। पिछले वर्ष कर्मचारियों को दिवाली बोनस में उन्होंने 491 कारें और 200 फ्लैट दिए थे।
अपने चाचा से कर्ज लेकर हीरे का कारोबार शुरू करने वाले सावजी ढोलकिया गुजरात के अमरेली जिले के दुधाला गांव के रहने वाले हैं। जी-तोड़ मेहनत करके वह कंपनी को इस ऊंचाई तक ले गए हैं।
हमारा मानना है कि ढोलकिया को हमारे देश के व्यापारियों को एक आदर्श के रूप में देखना चाहिए। इसके दो प्रतिमान हैं। पहला-व्यवसाय में जीतोड़ परिश्रम करना और दूसरा अपनी टीम को मुनाफे में उदारता से हिस्सा देना। ढोलकिया जब अपने कर्मचारियों को ऐसे बोनस देते हैं तो उन्हें अपने कर्मचारियों और उनके परिजनों से ढेरों आशीर्वाद भी मिलते होंगे। तो, सभी कारोबारियों को अपने कर्मचारियों से ऐसे ही आशीर्वाद हासिल करना चाहिए!
ईएमएस/ 08 नवम्बर 2018