अंतरराष्ट्रीय

चीन के साथ तनाव के बीच भारत को हथियारों की बिक्री बढ़ाने की योजना बना रहा अमेरिका

06/08/2020

वाशिंगटन (ईएमएस)। अमेरिका, भारत में हथियारों की बिक्री बढ़ाने की योजना बना रहा है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार इन हथियारों में सशस्त्र ड्रोन भी शामिल हैं, जो 1,000 पौंड से अधिक बम और मिसाइल ले जा सकते हैं। भारत और चीन के सैनिकों के बीच पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में हुई हिंसक झड़प के बाद चीन और भारत के बीच पैदा हुए तनाव के दौरान यह करार कदम मायने रखता है। भारतीय सेना के 20 जवान 15 जून को हुई झड़प में शहीद हो गए थे। विदेश नीति पर केंद्रित एक प्रमुख पत्रिका ने अमेरिकी अधिकारियों और संसद के सहयोगियों के साक्षात्कारों के आधार पर लिखी रिपोर्ट में कहा कि डोनाल्ड ट्रम्प प्रशासन भारत और चीन के बीच सीमा पर हिंसक झड़प के मद्देनजर भारत में हथियारों की बिक्री बढ़ाने की योजना बना रहा है, जिससे वाशिंगटन और बीजिंग के बीच तनाव पैदा हो सकता है।
पत्रिका ने अधिकारियों के हवाले से कहा है कि अमेरिका ने हाल के महीनों में भारत को नए हथियारों की बिक्री की योजना तैयार की है, जिसमें सशस्त्र ड्रोन जैसी उच्च स्तर की हथियार प्रणाली और उच्च स्तर की प्रौद्योगिकी शामिल हैं। ट्रम्प ने आधिकारिक रूप से उन नियमों में संशोधन किया है, जो भारत जैसे विदेशी भागीदारों के लिए सैन्य-स्तर ड्रोन की बिक्री को प्रतिबंधित करते थे। रिपोर्ट में कहा गया है कि इससे अमेरिका को सशस्त्र ड्रोन की बिक्री पर विचार करने की अनुमति मिलेगी, जो पहले उनकी गति और पेलोड के कारण प्रतिबंधित था। मामले से अवगत एक सांसद ने कहा वे भारत को सशस्त्र (श्रेणी-1) प्रीडेटर्स मुहैया कराने वाले हैं। उन्होंने बताया कि ‘एमक्यू-1 प्रीडेटर ड्रोन’ 1,000 पौंड से अधिक बम और मिसाइल ले जा सकता है।
अनिरुद्ध/ईएमएस 06 अगस्त 2020