ज़रा हटके

डेंगू बुखार कोरोना से बचाव में बन रहा रक्षा कवच

24/09/2020

- एशिया और लैटिन अमेरिका में हुए शोध में खुलासा
रियो डी जनेरियो (ईएमएस)। एक शोध में डेंगू के प्रसार और कोरोना वायरस के बीच संबंध सामने आया है। ब्राजील में हुए शोध में पता चला है कि डेंगू बुखार कोरोना वायरस महामारी से बचाव में रक्षा कवच बन रहा है। डेंगू लोगों को कुछ हद तक रोग प्रतिरोधक क्षमता दे रहा है जो कोरोना वायरस से जूझने में मदद कर रहा है। ड्यूक यूनिवर्सिटी में प्रफेसर मिगुइल निकोलेलिस ने वर्ष 2019 और 2020 में डेंगू बुखार के साथ कोरोना के भौगोलिक प्रसार का तुलनात्मक आंकड़ा पेश किया। निकोलेलिस ने पाया कि जिन देशों में इस साल या पिछले डेंगू का प्रकोप बहुत तेजी से फैला था, वहां पर कोरोना वायरस का संक्रमण कम है और कम मामले भी सामने आ रहे हैं। ब्राजील में हुए अध्ययन में कहा गया है, 'यह असाधारण जानकारी डेंगू वायरस एंटीबॉडी और कोरोना वायरस के बीच एक गुप्त संबंध की संभावना को दर्शाती है। यदि यह सही साबित होती है तो डेंगू से संक्रमण या उसके खात्मे के लिए बनाई गई एक प्रभावी और सुरक्षित वैक्सीन कोरोना वायरस से भी कुछ हद तक सुरक्षा दे सकती है।'
शोध टीम ने पाया कि डेंगू और कोरोना वायरस के बीच यह रिश्ता लैटिन अमेरिका के अन्य हिस्सों और एशिया तथा प्रशांत महासागर के देशों में भी पाया गया है। प्रफेसर ने कहा कि ये आंकडे़ इसलिए भी बहुत रोचक हैं क्योंकि पहले के शोध में पता चला था कि जिन लोगों के खून में डेंगू का एंटीबॉडी है वे टेस्ट में कोरोना वायरस एंटीबॉडी टेस्ट में गलत तरीके से पॉजिटिव आ जा रहे थे। वह भी तब जब उन्हें कभी भी कोरोना वायरस संक्रमण नहीं हुआ है। शोध में यह बताया जायेगा कि डेंगू से जूझने वाले ब्राजील में कोरोना वायरस से दुनिया के अन्य हिस्सों की अपेक्षा कम मौतें हो रही हैं और संक्रमण भी कम है। ब्राजील में कोरोना वायरस के 44 लाख मामले सामने आए हैं। बता दें कि भारत में भी बड़े पैमाने पर लोग पिछले साल और इस साल भी डेंगू से प्रभावित रहे हैं। निकोलेलिस ने कहा कि यह इस बात का संकेत है कि दोनों वायरस के बीच प्रतिरक्षा से संबंधित कुछ संबंध है जिसकी अपेक्षा किसी ने नहीं की थी। प्रफेसर ने निकोलेलिस ने कहा कि ऐसा इसलिए है क्योंकि दोनों ही वायरस अलग-अलग परिवार से आते हैं।
सुदामा/ईएमएस 24 सितम्बर 2020