क्षेत्रीय

टीएनसीपी, विकास, रेरा एवं एनओसी के अभाव में कॉलोनाइजर कर रहा रजिस्ट्री

21/11/2020

--बिना अनुमति के शहर के बीचों बीच काटी जा रही कॉलोनी
होशंगाबाद (ईएमएस)। जिला मुख्यालय पर शहर के बीचों बीच बन रही कालोनी का निर्माण इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है। करोड़ो रूपए मूल्य की जमीन पर बिना परमिशन के बन रही कालोनी की कोई परमिशन नहीं ली गई है जबकि मुख्यालय पर जवाबदार अधिकारी निवासरत हैं। उक्त कालोनी का निर्माण मीडिया में सुर्खिया बना हुआ है। किसी भी कालोनी का निर्माण करने से पूर्व ग्राम एवं नगर निवेश (टीएनसीपी) से परमिशन लेना अनिवार्य होता है। उसके बावजूद दिन दहाड़े धड़ल्ले से नियम कायदे को दरकिनार कर उक्त कालोनी का निर्माण कैसे हो रहा है? यह एक बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। इस संबंध में जब अनुभागीय अधिकारी राजस्व कार्यालय की नजूल शाखा से जानकारी ली गई तो राजस्व निरीक्षक फत्ते मानकर ने बताया कि तारअहाता स्थित सीट क्रं. 22 पर स्थित रकबा 88/1/1/47931 वर्गफुट आनंद चौधरी आत्मज कृष्णराज चौधरी के नाम पर दर्ज है। उक्त स्थल पर चल रहे निर्माण कार्य के संबंध में वर्तमान में कोई परमिशन नहीं ली गई है। आरआई ने बताया कि उक्त ने नपा में एनओसी के संबंध में आवेदन दिया है। जब निर्माण कार्य करेंगे तब हम एनओसी लेंगे। एसडीएम भारती मेरावी ने बताया कि बिना परमिशन के प्लॉट रजिस्ट्री करने की शिकायत प्राप्त हुई थी और बिना परमिशन के सीसी रोड एवं नाली का निर्माण कार्य हो चुका है। प्लॉट काट कर बेचे जा रहे हैं की शिकायत हुई है। वहीं हमने इस मामले में संबंधित को नोटिस जारी कर दिया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि इस प्रकार के कृत्य पर संबंधित के विरूद्ध 339 (ग) के अनुरूप कार्रवाई की जाएगी। जिसमें दंड का प्रावधान भी है। इस मामले में नपा सीएमओ माधुरी शर्मा ने बताया कि पूरा मामला नजूल से संबंधित है। तारअहाता क्षेत्र की एनओसी की परमिशन अभी तक नहीं दी गई है। मैं बाहर हूँ, आने के बाद संबंधित मामले के विषय में जानकारी दे सकूंगी। वहीं संबंधित रकबा की रिवेन्यू तिथि 31 मार्च 2025 तक है। सूत्र बताते हैै कि कालोनी में प्लाट कोई और काट रहा है और मकान बनाकर कोई और देगा। तारअहाता, सब्जी मंडी के पास जिस जमीन पर कालोनी बनाई जा रही है उसका डायवर्जन ही नहीं है। टीएनसीपी की अनुमति भी नहीं है। कालोनी के लिए नगर पालिका से एनओसी भी नही ली हैं, न ही मकान बनाने के लिए नक्शा पास कराया गया है। सूत्र बताते हैं कि इसके बावजूद धड़ल्लें से प्लाट बेचे जा रहे है। यह ताजा मामला शहर के बीचों बीच बन रही एक अवैध कालोनी का है जो प्रशासन और नपा की नाक के नीचे काटी जा रही कॉलोनी का है। जहां सूत्र बताते हैं कि कालोनाइजर के लायसेंस की भी जांच होना चाहिए। जो कॉलोनी शहर के बीचों बीच काटी जा रही है उसमें सभी मूलभूत सुविधाओं का हवाला देकर ग्राहकों को धड़ल्ले से प्लॉट बेचें जा रहे है। देखना यह है कि भोले भाले ग्राहकों के साथ अवैध कालोनी में प्लाट सहित डुप्लेक्स खरीद फरोक्त पर प्रशासन कार्रवाई करेगा अथवा अन्य कालोनी की तरह इस बार भी ग्राहक मूलभूत सुविधाओं के अभाव में भविष्य में खुदको ठगा हुआ महसूस करके पछताएंगे और जिम्मेदारों के सामने गिड़गिड़ाते रहेंगे।
राजीव अग्रवाल/21/11/2020