राज्य समाचार

सभी पंचांगों में एकरूपता लाने समिति का गठन

09/01/2019

'ज्योतिष अध्यात्म मंथन' विषय पर सम्मेलन आयोजित
भोपाल (ईएमएस)। ज्योतिष भी समाज में अपना स्थान बनाने के लिए आस्थावानों को अपने-अपने हिसाब से मनाने की सलाह देते हैं। इससे लोगों में भ्रम की स्थिति बनती है। हिन्दू धर्म में त्योहारों की तिथियों को लेकर आम जनमानस में विभिन्न प्रकार के मतभेद उभर रहे हैं। यह विचार हबीबगंज रेलवे स्टेशन मां भवानी शिव मंदिर में ब्रह्म शक्ति ज्योतिष संस्थान द्वारा 'ज्योतिष अध्यात्म मंथन' विषय पर आयोजित सम्मेलन में व्यक्त किए गए। सम्मेलन में 150 से अधिक ज्योतिष के जानकार लोग मौजूद थे। संस्थान के अध्यक्ष पंडित जगदीश शर्मा ने बताया कि राजधानी के प्रमुख वरिष्ठ ज्योतिष आचार्यों ने सिंधु पंचांग में दर्शाई तिथियों पर मंथन किया। सभी पंचांगों में एकरूपता लाने के लिए मप्र राज्य ज्योतिष समाधान समिति का गठन किया। यह समिति धर्माचार्य पंडित विष्णु राजोरिया और वरिष्ठ ज्योतिषी पंडित हेमचंद पांडे के मार्गदर्शन में काम करेगी। यह समिति आगामी तीन माह में त्योहारों में भिन्नता न हो, इसके लिए विभिन्न पंचांगों का रिसर्च करेगी। इसके बाद तीज-त्योहारों की संपूर्ण जानकारी का नया कैलेंडर तैयार होगा। हिंदू नववर्ष गुड़ी पड़वा पर इस कैलेंडर का लोकार्पण होगा। कैलेंडर में क्या-क्या जानकारी एकत्रित की जाना है, इसको लेकर आगामी दो सप्ताह में एक और बैठक रखी गई है।
इसी बैठक में राजधानी में प्रदेशभर के ज्योतिषी सम्मेलन को लेकर भी चर्चा होगी। पंडित शर्मा ने बताया कि शासकीय वर्ग को भी त्योहारों पर अवकाश मिले, इसके लिए समिति इसी कैलेंडर को मप्र शासन के अधिकारियों के समक्ष रखेगी, ताकि अवकाश निर्धारित किए जा सकें।कुछ त्योहार रात्रिकालीन मनाए जाते हैं। रात्रिकालीन महाशिवरात्रि, नवरात्रि, होली, दीपावली आदि ऐसे अन्य त्योहार हैं, जिनको व्यहारिक रूप से रात के समय ही मनाया जाता है, भले ही तिथि नहीं हो। मकर संक्रांति आगामी 50 साल तक 15 जनवरी को, इसके आगे 16 या 17 जनवरी को मनाई जाएगी। कार्यक्रम में पंडित वैभव भटेले, सीएल पंचाल, रूपनारायण शास्त्री, रामजीवन दुबे, रामकिशोर, विनोद गौतम, राम नारायण तिवारी, नरेंद्र दीक्षित, लक्ष्मी चंद चौधरी, आनंद वरंदानी ने भी अपने-अपने विचार रखे।
सुदामा/09जनवरी2019