मनोरंजन

(रंग संसार) सारा सीखना चाहती हैं करीना से पेशेवर अंदाज

14/11/2018

चेहरे से चुलबुली दिखने वाली अभिनेत्री सारा अली खान वैसे बहुत ही शांत और गंभीर हैं, इसलिए वो अक्सर वो कर जाती हैं जिसकी कि उम्मीद भी नहीं होती है। ऐसे ही सारा ने एक गंभीर बयान देकर सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा है। गौरतलब है कि सारा सैफ और अमृता की बेटी हैं और उन्हें करीना कपूर का अंदाज लुभाता है। यही वजह है कि सारा कह जाती हैं कि करीना कपूर के पेशेवर अंदाज को वो पसंद करती हैं और उनसे इस अंदाज को वो सीखना चाहती हैं। दरअसल सारा की फिल्म केदारनाथ का ट्रेलर पिछले दिनों र‍िलीज हुआ। इसी बीच सारा ने मीड‍िया से खास बातचीत की तो किसी ने उनसे करीना कपूर से संबंधित सवाल पूछ लिए, जिसका बेबाकी से जवाब देते हुए सारा ने भी कह दिया कि करीना कपूर के पेशेवर अंदाज को वो बहुत पसंद करती हैं और आगे जाकर इसे सीखना चाहती हैं। बकौल सारा, 'मेरा मानना रहा है कि करीना बेहद पेशेवर हैं, जिस तरह से वो काम करती हैं वह अद्भुत होता है। इसलिए मैं तो उनसे इस पेशेवर अंदाज को आत्मसात करना चाहूंगी।' यहां आपको बतला दें कि सारा की फिल्म केदारनाथ बड़े पर्दे पर सात दिसंबर को रिलीज होने वाली है उससे पहले वो फिल्म प्रमोशन पर विजी हैं। इसके चलते उन्हें मीडिया से भी रुबरु होना पड़ रहा है, लेकिन वो बिना झिझके सभी सवालों का असहज हुए जवाब दे रही हैं, जिससे उनकी फैंस फालोइंग भी बढ़ती चली जा रही है।


प्रियंका या ब‍िपाशा के नाम लेने पर हरमन क्यों आते हैं याद
फिल्मी दुनिया में कुछ समय रहने के बाद लगभग लापता हो चुके एक्टर हरमन बावेजा को लोग यूं भी याद कर लेते हैं कि वो फ्लॉप शो साबित हुए। वैसे आपको बतला दें कि हरमन ने बॉलीवुड में फिल्म 'लवस्टोरी 2050' से कदम रखा था, अब वो काफी लंबे समय से फिल्मी दुन‍िया से दूरी बनाए हुए हैं। इसकी वजह चंडीगढ़ में जन्में हरमन फिल्मी दुन‍िया में सफलता हासिल करने में नाकाम रहे। गौरतलब है कि हरमन पारिवारिक तौर पर फिल्मी दुनिया से जुड़े रहने वालों में से एक हैं। दरअसल हरमन फिल्म डायरेक्टर और प्रोड्यूसर पम्मी बावेजा के बेटे हैं। यही नहीं बल्कि हरमन ने मुंबई के किशोर नामित कपूर एक्टिंग स्कूल से एक्टिंग करना भी सीखी, लेकिन कहते हैं कि जिसे दर्शकों का प्यार नहीं मिला वो कलाकार सफलता की सीढ़ियां चढ़ ही नहीं सकता है। बहरहाल साल 2008 में आई फिल्म 'लवस्टोरी 2050' में हरमन की जोड़ी प्रियंका चोपड़ा के साथ बनी और दोनों के किस्से भी खूब मशहूर हुए। यह वही फिल्म थी जिसे उनके पिता हैरी बावेजा ने ही डायरेक्ट किया था। नए नवेले फिल्मी दुनिया में कदम रखने वाले हरमन की दोस्ती प्रियंका से खूब रही लेकिन अगली फिल्म 'व्हाट्स योर राश‍ि' के रिलीज से पहले ही वह टूट भी गई। मीडिया के सामने हरमन ने सफाई दी और कहा कि उनके पास प्रियंका को टाइम देने के लिए समय नहीं है, इसलिए यह दोस्ती आगे नहीं चली। इसके बाद 2014 में हरमन का नाम बिपाशा बासु के साथ भी जुड़ा, लेकिन वह भी ज्यादा लंबा नहीं चला और जल्द ही ब्रेकअप की खबरें आना शुरु हो गईं। बहरहाल हरमन ने हाल ही में अपनी सफेद दाढ़ी और बढ़े हुए वजन वाली तस्वीर सोशल मीडिया पर शेयर की, जिसे देखकर लोगों को उनके पुराने दिनों की याद ताजा हो आई अब कहा जा रहा है कि वो जल्द ही फिल्मी दुनिया में दोबारा वापसी करेंगे।


जूही की मुस्कुराहट के दीवाने कम नहीं
बॉलीवुड की खूबसूरत अदाकारा, सदा मुस्कुराने के लिए पहचाने जाने वाली जूही चावला ने हाल ही में जन्मदिन मनाया, तो फैंस को उनकी तमाम फिल्मों की याद ताजा हो आई। यहां आपको बतला दें कि जूही ही एकमात्र ऐसी हिरोईन रही हैं जिन्होंने अपनी मुस्कुराहट से लोगों को दीवाना बनाया। जूही ने फिल्म 'कयामत से कयामत तक', 'बोल राधा बोल', 'प्रतिबन्ध', 'राजू बन गया जेंटलमैन', 'हम हैं राही प्यार के', 'डर' जैसी मशहूर फिल्मों में अपनी अमिट छाप छोड़ी है। पंजाब में जन्मीं जूही की मुस्कुराहट हमेशा फैंस के दिलों को जीतने का काम करती रहे है। वैसे यह हकीकत है कि उन्होंने अपनी प्रोफेशनल लाइफ पर कभी भी पर्दा डालने की कोशिश नहीं की, जो भी किया विंदास होकर किया, लेकिन जब बात उनकी पर्सनल लाइफ की आती है तो उन्होंने इसमें से कभी पर्दा उठने ही नहीं दिया। मतलब उनकी अपनी निजी जिंदगी निजी ही है, जिस पर किसी और की निगाह पड़ने और बातचीत करने का अवसर नहीं दिया गया है। गौरतलब है कि ह‍िंदी स‍िने जगत की द‍िलकश अदाकारा जूही के पिता एक पंजाबी और मां एक गुजराती परिवार से आते थे। पूजनाब में स्कूल शिक्षा के बाद ही जूही का परिवार मुंबई में रहने आ गया था। इसी दौरान मुंबई में हुए मिस इंडिया कॉम्पिटिशन में जूही ने भाग लिया और साल 1984 की वो 'मिस इंडिया' भी बनीं। इसके दो साल बाद ही 1986 में जूही ने फिल्म 'सल्तनत' में 'जरीना' के किरदार को निभाया और बॉलीवुड में ऐसा कदम रखा कि सभी देखते रह गए। यह अलग बात है कि यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर अपना कमाल नहीं दिखा पाई थी, लेकिन जूही की अदाकारी के सभी कायल हुए यही वजह रही कि साउथ में भी उन्होंने 1987 में मशहूर डायरेक्टर 'रविचंद्रन' की फिल्म 'प्रेमलोका' में शानदार काम किया जो कि ब्लॉकबस्टर फिल्म साबित हुई। इसके बाद जूही को कयामत से कयामत तक मिली जिसमें उन्होंने आमिर खान के साथ काम करते हुए धूम मचा दिया था। इसके बाद उनकी फिल्में हिट होती रहीं अवार्ड मिलते रहे और वो अपनी मुस्कुराहट के साथ आगे बढ़ती चली गईं। अगर देखा जाए तो जूही की मुस्कुराहट के दीवाने आज भी कम नहीं हैं।

कामयाबी मिले तो लीला भंसाली जैसी...!
फिल्मी दुनिया में कामयाब निर्देशकों में यदि किसी का नाम जोर-शोर से लिया जाता है तो वो संजय लीला भंसाली ही हैं। दरअसल ऐसा इसलिए कहा जा रहा है क्योंकि भंसाली द्वारा साल 2002 में निर्देशित फिल्म 'देवदास' उस दौर की तो सुपरहिट फिल्म रही ही, लेकिन आज भी वह सुर्खियां बटोरने में कामयाब हो रही है। दरअसल तब फिल्म ने रिलीज के साथ ही सुर्खियां बटोरना शुरु कर दिया था। फिल्म को 5 नेशनल अवॉर्ड मिले थे, इसके साथ ही इस फिल्म को भारत की तरफ से ऑस्कर के लिए भी भेजा गया। यही नहीं बल्कि दुनिया की मशहूर टाइम्स मैग्जीन ने भी भंसाली की फिल्म को टॉप 10 में जगह दी थी। बहरहाल यह सब तो पुरानी बातें हो गईं लेकिन यहां जो हम बताने जा रहे हैं वो चौंकाने जैसा ही है और वह यह कि अब इस फिल्म के नाम एक और बड़ी कामयाबी जुड़ती दिख रही है। दरअसल इस फिल्म के गाने 'डोला रे डोला' ने इतिहास रचने जैसा काम कर दिखाया है। इस गाने को बॉलीवुड के बेस्ट डांस नंबर के खिताब से नवाजा गया है। बताया जा रहा है कि यूके ईस्टर्न आई न्यूज़पेपर ने इस गाने को टॉप पर जगह देकर इसके चाहने वालों की बड़ी संख्या को बताया हे। गौरतलब है कि लोगों के वोट, सिनेमैटिक इंपैक्ट, कोरियोग्राफी और डांस कोरियोग्राफर के वोटों और परफॉर्मेंस को देखते हुए इसे बॉलीवुड के 50 बेहतरीन गानों में से पहले नंबर पर जगह मिली है। वहीं इस सूची में ऐतिहासिक फिल्म मुग़ल-ए-आज़म के गाने 'प्यार किया तो डरना क्या' को दूसरा और फिल्म तेजाब के गाने 'एक दो तीन' को तीसरा स्थान मिला है। इसे देखते हुए ही कहा जा रहा है कि सालों बाद भी जिनकी फिल्मी सुर्खियां बटोर रही हैं और उनके गाने पहले नंबर पर आ रहे हैं तो किस्मत तो वाकई ऐसी ही होनी चाहिए।
14नवंबर/ईएमएस