अंतरराष्ट्रीय

केन्या से गधों की चोरी कर चीन में बेचने का संगठित गिरोह सक्रिय

09/09/2019

3 साल में तीन लाख गधों का वध
नैरोबी (ईएमएस) । केन्या में पिछले 3 सालों से गधों की चोरी करके चीन में बेचने के लिए संगठित गिरोह सक्रिय हैं। चीन में गधे की चमड़ी को उबालकर इजिआव नाम का जिलेटिन बनाया जाता है। इसका उपयोग बढ़ती उम्र के असर को कम करने और सेक्स पावर बढ़ाने के लिए, चीन की परंपरागत चिकित्सा में होता है। केन्या में चार बूचड़ खाने गधों का वध कर रहे हैं। इसके अलावा केन्या में संगठित गिरोह किसानों के गधों की चोरी करके उन्हें चीन ले जाकर बेच रहे हैं।
2016 से केन्या में गधों की चोरी की संख्या बड़ी तेजी के साथ बढ़ रही है। गधों के मालिक जो किसान भी होते हैं। अपने गधों की सुरक्षा के लिए विशेष उपाय कर रहे हैं।रात को गस्त लगाकर गांव के गधों की सुरक्षा का दायित्व स्थानीय किसान उठा रहे हैं।
पिछले 3 वर्षों में 3 लाख से अधिक गधों का वध किया जा चुका है। चीन में इजिआव की मांग पिछले सालों की तुलना में 10 गुना बढ़ गई है। अफ्रीका में गधों की आबादी 1990 में लगभग 1.1 करोड़ थी। जो अब घटकर मात्र 45 लाख रह गई है।
चीन में सेक्स पावर बढ़ाने वाली औषधियों में इजिआव का उपयोग होने से इसकी कीमत वर्ष 2000 में 30 डालर प्रति किलोग्राम थी। जो अब बढ़कर 780 डालर प्रति किलोग्राम हो गई है।जिसके कारण केन्या में गधों की चोरी करके चीन ले जाकर बेचने के लिए कई संगठित गिरोह काम कर रहे हैं। उल्लेखनीय है केन्या में गधे, लाखों परिवारों की नियमित चर्या में एक सहारे के रूप में काम करते हैं। खेती से लेकर बच्चों को स्कूल लाने ले जाने और अन्य कार्यों में गधों और खच्चरों का बड़े पैमाने में उपयोग होता है। गधे एवं खच्चर चोरी हो जाने के बाद केन्या के किसानों और आम आदमियों कि आय कम हो जाती है, और खर्च बढ़ जाते हैं। जिसके कारण लोगों में गुस्सा बढ़ता जा रहा है। गांव गांव में अब गधों की चोरी रोकने के लिए रक्षक दल काम कर रहे हैं।
एसके जैन/09 सितम्बर2019